बांदा तिराहे पर बेटी के शव को गोद में लेकर भटकता पिता भानु प्रताप
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जिला अस्पताल में एक मासूम बच्ची की मौत हो गई। बेटी का शव घर ले जाने के लिए उन्हें एंबुलेंस नहीं मिली। बिलखते दंपती बेटी का शव गोद में लेकर सर्द रात में घंटों भटकते रहे। करीब दो घंटे बाद जागरूक लोगों ने निजी साधन से दंपती और उसकी मृत बेटी को सात किमी. दूर घर तक पहुंचाया। थाना कबरई के कैमाहा गांव निवासी भानु प्रताप गांव का चौकीदार है। उसकी सात माह की बेटी अनुराधा की मंगलवार की दोपहर अचानक हालत बिगड़ गई। वह उसका इलाज कराने कस्बा कबरई के एक निजी क्लीनिक गया।
आराम न मिलने पर जिला अस्पताल पहुंचा। वहां बेटी की मौत हो गई। पिता का आरोप है कि जिला अस्पताल पहुंचने पर उसे महिला अस्पताल भेजा गया। वहां से फिर जिला अस्पताल ले जाने की बात कही गई। एक घंटे बाद भी मासूम बेटी को भर्ती न किए जाने से उसकी मौत हो गई। जब स्वास्थ्यकर्मियों से शव ले जाने के लिए एंबुलेंस की बात कही गई तो उसे भगा दिया गया।