सीएचसी में भर्ती एक बीमार वृद्धा को कानपुर रेफर के दौरान समाजवादी
एंबुलेंस चालक उसे बीच रास्ते में फेंककर भाग निकला। सुबह लोगों ने वृद्धा
को पुआल के ढेर में पड़ा देखा तो मामले की जानकारी हुई।
रविवार की
रात करीब 8 बजे के आसपास कुंदौली गांव के बाहर करीब 55 वर्षीय एक अज्ञात
वृद्धा ठंड से कांप रही थी। प्रधान अनिल निगम ने एंबुलेंस को फोन किया।
मौके पर पहुंची एंबुलेंस के कर्मचारियों ने उसे सीएचसी (भीतरगांव) में
भर्ती करा दिया।
इधर, वृद्धा की हालत देख इमरजेंसी ड्यूटी कर रहे
सीएचसी के अधीक्षक डा. अनुज दीक्षित ने देर रात उसको कानपुर रेफर कर दिया।
लेकिन, जब एंबुलेंस चालक चांदबाबू से उसे कानपुर ले जाने को कहा गया तो
उसने जाने से मना कर दिया। डाक्टर ने किसी तरह चालक को समझा-बुझाकर वृद्धा
को कानपुर ले जाने के लिए एंबुलेंस में लिटवा दिया।
चालक सीएचसी से
गाड़ी लेकर बाहर निकल आया। आरोप है कि कसबे के बाहर घाटमपुर रोड पर स्थित
फक्कड़ चौराहे के पास पहुंचकर उसने गाड़ी में लेटी बीमार वृद्धा को नीचे
उतारकर वहीं जमा पुआल के ढेर में लिटा दिया और गाड़ी लेकर चला गया।
सुबह
कुछ लोग उधर से निकले तो पुआल के ढेर में पड़ी वृद्धा की कराह सुनकर पास
जाकर देखा। चर्चा फैलने पर तमाम लोग मौके पर जमा हो गए। चौकी पुलिस ने उसे
उठाकर फिर सीएचसी में भर्ती कराया।