यूपी के महोबा जिले में दो वर्ष पहले डॉ भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा अराजकतत्वों द्वारा खंडित की कर दी गई थी। बुधवार को खंडित प्रतिमा कूड़े के ढेर में मिलने से बसपाइयों में आक्रोश पनप उठा। सूचना पर तमाम कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। सीओ जितेंद्र दुबे और कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मूर्ति को चौकी में रखवाया। तब मामला शांत हुआ।
शहर के आल्हा चौक स्थित आंबेडकर पार्क में स्थापित बाबा साहेब की प्रतिमा को दो वर्ष पहले अराजकतत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया था। बसपा कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए खंडित मूर्ति को सरकारी मालखाने में जमा करा दिया था और पार्क में नई प्रतिमा स्थापित की गई थी। बुधवार को खंडित प्रतिमा कूड़े के ढेेेर में मिली। पुलिस चौकी बजरिया के पीछे खंडित मूर्ति मिलने की सूचना पर बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश सिद्घार्थ कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंच गए और विरोध जताया।
कार्यकर्ताओं का आक्रोश बढ़ता देख सीओ और कोतवाली पुलिस ने मूर्ति को कूड़े के ढेर से हटवाकर चौकी के अंदर सुरक्षित रखवा दिया। तब मामला शांत हुआ। बसपा कार्यकर्ताओं ने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सीओ का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।