कई महीनों से सफाई कर्मी झांकने तक नहीं गए
दूसरी तरफ अमर-उजाला की टीम ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान की हकीकत जानने गांव-गांव पहुंची तो अभियान की पोल खुल गई। जिम्मेदारों ने कागजों में सफाई दिखाकर स्वच्छता अभियान में वाहवाही लूट ली। कई गांव ऐसे जहां कई महीनों से सफाई कर्मी झांकने तक नहीं गए।
नाली चोक, सड़क पर फैला कीचड़
बिधनू ब्लॉक के दलनपुर गांव में सफाई कर्मी दो माह से सफाई करने नही पहुंचा। हनुमान मंदिर के पास नालियां बजबजा रहीं हैं। बड़ी-बड़ी घास खड़ी है। सड़क पर गंदा पानी आता है। जिससे निकलने में दिक्कत होती है। इसी ब्लाॅक के कठारा गांव में चौहानी फाटक के पास नालियां चोक हैं। कोई सफाई करने तक नहीं पहुंचा। हालात ये हैं कि लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल है। सड़क पर कीचड़ फैला है।
गांव की मुख्य सड़क पर कीचड़, चलना मुश्किल
शिवराजपुर ब्लॉक के सखरेज ग्राम पंचायत में नाली बनी है लेकिन निकासी न होने के कारण सड़क पर पानी भर जाता है। गंदगी के कारण मच्छर पनप रहे हैं। यही नहीं कुर्मीखेड़ा खुर्द गांव की मुख्य सड़क ही कीचड़ से पटी है। नाली बनी है लेकिन सफाई न होने के कारण नाली का पानी सड़कों पर आ गया है। जिससे लोगों का गांव के अंदर-बाहर आना जाना मुश्किल हो गया है।
मुख्य सड़क पर लगे कूड़े के ढेर
चौबेपुर ब्लॉक के अमिलिहां गांव को जाने वाली मुख्य सड़क पर कूड़े के ढेर लगे हैं। बारिश में कूड़ा गीला होने पर गंदगी के कारण लोगों का सड़क पर चलना दूभर हो गया है। अभियान पूरा हो गया लेकिन आज तक मुख्य सड़क पर लगे कूड़े के ढेर तक नहीं हटाए गए।
ग्रामीण क्षेत्रों में चार हजार सबसे गंदे स्थान चिह्नित किए गए थे, जिनको अच्छी तरह साफ कराया गया। अगर कहीं पर नालियां साफ नहीं की गईं तो उनकी जांच कर संबंधित पर कार्रवाई होगी। -मनोज कुमार, डीपीआरओ