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Exclusive: कौआ नोच ले गया आंख, भूख से धूप में तड़प रहे गोवंश, अमर उजाला पड़ताल में सामने आया गोशालाओं का सच

Sat, 13 Apr 2024 03:30 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: अमर उजाल पड़ताल में जिले की 10 गोशालाओं का सच सामने आया है। इन गोशालाओं की हालत बेहद खराब है। इनमें ज्यादातर गोशालाओं में बीमार गोवंश धूप में तड़पते मिले। यही नहीं, केयरटेकर भी नदारद मिले।
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गोशालाओं की दुर्दशा और अव्यवस्थाएं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण गोशालाओं में गोवंश चिलचिलाती धूप में तड़प रहे हैं। एक जीवित गोवंश की आंख कौआ नोच ले गया और तीन जीवन की अंतिम सांसें गिन रहे थे। यह भयावह तस्वीर दीपापुर गोशाला में देखने को मिली। सरसौल ब्लॉक की गोशालाओं के बुरे हाल हैं। एक सप्ताह पहले सीडीओ सुधीर कुमार ने अफसरों की टीम लगाकर जिलेभर के गोशालाओं का सत्यापन कराया था।

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इसमें एक भी अफसर ने रिपोर्ट में गोशालाओं में बीमार, मृत गोवंश मिलने या फिर अव्यवस्थाओं का जिक्र नहीं किया था। अमर उजाला टीम ने सरसौल विकास खंड क्षेत्र कि ग्राम पंचायत सेमरझाल, दीपापुर, महाराजपुर, सरसौल, पाल्हेपुर की गोआश्रय स्थल की पड़ताल की, तो अफसरों की रिपोर्ट की पोल खुल गई। सेमरझाल गोशाला में चिलचिलाती धूप में एक बीमार गोवंश भूखा-प्यासा पड़ा अंतिम सांसें गिन रहा था।
बिजली कनेक्शन है नहीं, कटिया से मोटर चलाई जाती है। तीन दिन से मोटर खराब है, लेकिन कोई सुधारने वाला नहीं है। यहां पानी का संकट है। गड्ढों में गंदा पानी भरा है, गोवंश वही पी रहे हैं। ग्राम पंचायत दीपापुर गोशाला में तीन गोवंश धूप में भूख-प्यास से तड़पते मिले। चलने में असमर्थ होने के कारण उन्हें टीन शेड के नीचे तक नहीं पहुंचाया गया। मौके पर कोई केयर टेकर भी नहीं था।

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धूप में मृत पड़ा रहा गोवंश
महाराजपुर की वृहद गोशाला में कड़ी धूप में एक गोवंश मृत पड़ा मिला। पक्षी उसे नोचकर खा रहे थे। चारों तरफ गंदगी का ढेर था। केयर टेकर ने बताया कि डॉक्टर हफ्ते में एक दिन आते हैं तब बीमार पशुओं का इलाज होता है। यहां पर कुल (152) गोवंश हैं। वहीं सरसौल बृहद गोशाला में जानवरों के नाद पर सूखा भूसा पड़ा मिला। हारे चारे का नामो निशान तक नहीं मिला।। 

घाटमपुर: धूप में तड़प रहे गोवंश, बीमारों को इलाज भी नहीं
घाटमपुर/पतारा। घाटमपुर की मवई भच्छन गोशाला में बीमार गोवंश धूप में तड़पता मिला। उसका इलाज भी नहीं किया जा रहा है। वहीं बम्हौरी गोशाला में पर्याप्त टीनशेड तक नहीं। दो गोवंश बीमार हालत में धूप में तड़पते मिले, ये सांड़ के हमले घायल हुए हैं। वहीं पतारा में हाईवे किनारे स्थित गोशाला के चारों केयरटेकर गेट बंद कर गायब थे।

बिधनू: 72 गोवंश, टीनशेड 50 की क्षमता का
विकासखंड बिधनू की ग्राम पंचायत शिवगंज चौराई की गोशाला में भी अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। हाईटेंशन लाइन के नीचे एक गोवंश पेड़ के नीचे दुबका था। दो गोवंश धूप में अपनी अंतिम सांसें गिन रहे थे। केयरटेकर गायब थे। एक सप्ताह में दो गोवंशों की मौत हो चुकी। यहां कुल 72 गोवंश हैं, लेकिन टीनशेड 50 की क्षमता वाला है।

बिल्हौर: एक सप्ताह में चार गोवंशों की मौत, नांद में लाही का भूसा
चौबिगही शिकोहाबाद गोशाला में 15 दिन से भूसा नहीं। नाद में लाही का भूसा पड़ा, जिसे बेजुबानों को खिलाया जा रहा है। जिम्मेदारों का भी कुछ पता नहीं। एक केयरटेकर उसी के भरोसे गोशाला का संचालन किया जा रहा। गर्मी और भूख के कारण एक सप्ताह में चार गोवंश की मौत हो चुकी।

बिल्हौर: पानी में कीड़े, आठ गोवंश बीमार पड़े
सरायक्षीतम गांव के नाढूपुर स्थित गोशाला में 36 गोवंश हैं। गंदा पानी नांद में भरा था, उसमें कीड़े थे। वहीं पानी गोवंश पी रहे थे। आठ गोवंश बीमार धूप में पड़े थे। टीनशेड के नीचे गंदगी के ढेर लगे थे। एक सप्ताह से गोशाला में डॉक्टर नहीं पहुंचे।

ककवन: गोशालाओं में ढेरों अव्यस्थाएं
ककवन की गोशाला में गोवंशों की हालत बहुत खराब है। पर्याप्त टीन शेड न होने के कारण गोवंश धूप में खड़े होने को मजबूर थे। तीन गोवंश बीमार होकर गंदगी में पड़े थे। केयरटेकर मौके पर नहीं थे। यही हाल गढ़ी, देवहा, जमालपुर, औरों, विषधन आदि गोशालाओं का है।
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ये जिम्मेदारों की लापरवाही है। सभी गोशालाओं में पर्याप्त छाया करने के बीडीओ को निर्देश दिए थे। इसके बाद भी धूप में गोवंश तड़पकर जान दे रहे तो, जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।  -सुधीर कुमार, सीडीओ
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