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एक्सक्लूसिव: तहसील से छ: गावों के नक्शे गायब...पैमाइश में संकट, जमीनों पर कब्जा कर रहे दंबग, पढ़ें पूरा मामला

Thu, 05 Oct 2023 02:55 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: गांव का मूल नक्शा न होनें से भूमि विवाद से जुड़े मामले निस्तारित नहीं हो पा रहे हैं। कई गांवों के नक्शे खराब होनें या गायब होनें के कारण दबंग तहसील के कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं।  
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अभिलेखागार में सुरक्षित पूरे जिले के राजस्व रिकॉर्ड से शहर के छ: गांवों के पूरी तरह से नक्शे गायब हो गए हैं। यही नहीं करीब 50 से अधिक गांवों के नक्शे भी पुराने होकर नष्ट हो गए हैं। कुछ के बचे भी हैं, तो इस कदर जर्जर हो गए हैं कि पढ़ने योग्य नहीं बचे हैं।  स्थिति यह है कि गांव में दबंग व्यक्ति किसी की जमीन कब्जा कर ले रहा है।

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जब तहसील में पैमाइश कराने के लिए शिकायत की जाती है तो सालों तक जांच ही नहीं हो पा रही है। अधिकारी सिर्फ दिलाशा दे रहे हैं। जिले के सदर तहसील क्षेत्र के सतवरी, सकरापुर, गंगापुर, चन्दारी, बिठूर खुर्द, बरहट बांगर वर्षों से नक्शाविहीन हैं। इन गांवों का मूल सरकारी नक्शा तहसील में नहीं है। यह नक्शा कब बनेगा, कैसे बनेगा इस बारे में जिम्मेदार भी कुछ सही नहीं बता पा रहे हैं।

निस्तारित नहीं हो पा रहे भूमि विवाद से जुड़े मामले
गांव का मूल नक्शा न होनें से भूमि विवाद से जुड़े मामले निस्तारित नहीं हो पा रहे हैं। कई गांवों के नक्शे खराब होनें या गायब होनें के कारण दबंग तहसील के कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं।  इन गांवों के वर्षों से नक्शे गायब हैं ये शहर से जुड़े हैं। वर्तमान समय पर इन्हीं क्षेत्र की जमीनों पर धड़ल्ले से प्लाटों की बिक्री की जा रही है।

लंबित पड़े हैं पैमाइश कराने के लिए 70 आवेदन
अगर कोई जमीन कब्जाने की शिकायत भी करता है लेखपाल नक्शा न होनें का बहाना बनाकर जांच लंबित छोड़ देता है।  एसडीएम सदर कोर्ट में बीते एक वर्ष से पैमाइश कराने के लिए 70 आवेदन लंबित पड़े हैं। ये वो आवेदन है जिन क्षेत्रों का या तो नक्शा नहीं या फिर पुराना होकर नष्ट हो गया है। जिम्मेदारों की माने तो कई बार राजस्व परिषद को पत्र लिखकर मांग की गई, लेकिन अभी तक बन सके हैं।

केस-वन
रामदेवी क्षेत्र के चन्दारी के रहने वाले विन्देश्वरी प्रसाद ने सितंबर माह में घर के पीछे जमीन की पैमाइश कराने के लिए पोर्टल पर आवेदन किया था। एसडीएम ने जब लेखपाल को पैमाइश कराने के लिए आदेश दिया तो पता चला कि इस क्षेत्र का नक्शा ही नहीं है। नक्शे की एक प्रति राजस्व परिषद मे है वहां से लाने का प्रयास चल रहा है। वहां से नक्शा आते ही पैमाइश शुरू हो जाएगी।

केस- दो
सतवरी के रहने वाले राजेश कुमार ने वर्ष 2022 दिसंबर में अपना जमीन की पैमाइश कराने के लिए आवेदन किया था। जब लेखपाल को आदेश दिया गया तो पता चला कि क्षेत्र का नक्शा ही नहीं है। इसके बाद उन्हें नक्शा आने तक इंतजार करने के लिए बताया गया।

केस-तीन
बरहट बांगर के रहने वाले श्री राम ने नवंबर 2022 में उनकी जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया था। उसकी शिकायत कर जमीन की पैमाइश कराने के लिए आवेदन किया था लेकिन जब जांच के आदेश दिए गए तो पता चला कि नक्शा पुराना होने के कारण खराब हो गया है।
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जिन गांवों या शहरी क्षेत्र के कस्बों के नक्शे पुराने होकर नष्ट हो गए हैं उसके लिए राजस्व परिषद को पत्र लिखा गया है। जल्द ही उनको मंगाकर पैमाइश का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।  -अजय गौतम, एसडीएम सदर
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