दो महीने में सेंटर में जांचें शुरू हो जाएंगी
ज्यादातर सेंटर सैंपल लेकर जांचें बाहर से कराते हैं। हैलट में बनने वाले सेंटर में ये सब जांचें और दवाएं मुफ्त मिलेंगी। नोडल अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि विभिन्न मदों में उनके पास सेंटर का बजट आना शुरू हो गया है। आरएनए, डीएनए जांच के लिए किट की अनुमति मांगी गई है। महीने-दो महीने में सेंटर में जांचें शुरू हो जाएंगी।
हर महीने बी के 30, सी के 10 नए रोगी आते हैलट में
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की गैस्ट्रो क्लीनिक में हर महीने औसतन हेपेटाइटिस बी के 30 और सी के 10 नए रोगी आते हैं। इस समय में फॉलोअप में डेढ़ सौ हेपेटाइटिस बी के रोगियों और सी के 70 रोगियों का इलाज चल रहा है। डॉ. विनय कुमार ने बताया कि आबादी में हेपेटाइटिस बी का संक्रमण सौ में दो व्यक्तियों को है और हेपेटाइटिस सी संक्रमण सौ में एक व्यक्ति को है।
अंजाने में लिवर में घुस रहा हेपेटेाइटिस बी और सी
हेपेटाइटिस बी और सी का संक्रमण लोगों के शरीर में अंजाने में ही पहुंच जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सेहत को लेकर लापरवाही है। हाईजीन को लेकर लोग सजग नहीं हैं। मेडिकल कॉलेज के गैस्ट्रोइंटोलॉजी विभाग में अभी 220 रोगी हेपेटाइटिस बी और सी का इलाज करा रहे हैं, लेकिन किसी को यह पता नहीं है संक्रमण कहां से मिला? इनमें 32 महिलाएं हैं, जो प्रसव और किसी दूसरी स्त्री रोग से संबंधी सर्जरी के लिए आईं। तय प्रोटोकॉल के तहत जब जांच कराई गई तो पुष्टि हुई।
हेपेटाइटिस सेंटर खुलने से फायदे
- 10 से 12 हजार कीमत की जांचें फ्री होंगी।
- 13 से 17 हजार कीमत की दवाएं हर महीने फ्री मिलेंगी।
- शिविरों का आयोजन करके जांचें कर रोगी चिह्नित किए जाएंगे।
- पंजीकृत संक्रमितों को एप के जरिये ट्रैक किया जाएगा।
- सेंटर और केंद्र सरकार दोनों संक्रमितों की मॉनीटरिंग की जाएगी।
- हेपेटाइटिस बी और सी को लेकर जागरूकता कार्यक्रम किए जाएंगे।
ऐसे संक्रमण मिलने का खतरा
- नाई के संक्रमित उस्तरे से।
- टैटू गुदवाने से।
- संक्रमित का विंडो पीरियड में रक्त लेने से।
- असुरक्षित संभोग से।
- संक्रमित को लगे इंजेक्शन की सिरिंज से दूसरों को इंजेक्शन लगाने से।