उत्तर प्रदेश में जर, जोरू और जमीन के लिए एक बार फिर रिश्ते कलंकित हो गए। यहां महोबा जिले में अवैध संबंधों के चलते सगा भाई ही अपने छोटे भाई का खूनी बन गया। तीन दिन पूर्व हुई युवक की हत्या का मामला जब उजागर हुआ तो सगे रिस्ते भी खूनी हो गए।
डेमो
थाना कबरई के ग्राम बबेड़ी में शनिवार की रात हुई छात्र की गोली मारकर हत्या का पुलिस ने बुधवार को खुलासा किया। पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पुलिस अधीक्षक अनीस अहमद अंसारी ने बताया कि युवक की हत्या उसके बड़े भाई रामप्रताप उर्फ वीपी सिंह ने ही की थी। बताया कि आरोपी को मंगलवार की शाम सुरहा तिराहे से 315 बोर के तमंचा के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से दो मोबाइल भी बरामद हुए हैं।
डेमो
मामी से अवैध संबंध थे, ये बात उसे पता चल गई...
आरोपी ने कबूला कि मामी से उसके अवैध संबंध थे। साल भर पहले इसकी जानकारी छोटे भाई सुरेंद्र को हो गई थी। वह अवैध संबंध का विरोध करता था। उसके मना करने पर भी यह बात मामा को बता दी थी। बताया कि आठ जुलाई को दोस्त के यहां महोबा गए भाई को उसी दिन फोन कर स्कूल में चोरी करने के लिए बुलाया। शाम को घर आ रहे भाई को रास्ते से ही लेकर खेत में चला गया। वहां बैठकर रात होने का इंतजार करने लगा। सुरेंद्र खेत की मेड़ पर ही लेट गया। उसकी आंख लग गई तो रामप्रताप ने उसके सिर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस अधीक्षक ने तीन दिन में हत्याकांड का खुलासा करने पर टीम की सराहना की।
पुलिस गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
तीन दिन में पुलिस ने सुलझा लिया अंधे कत्ल का मामला
गौरतलब है कि मामी और भांजे के बीच ये अमर्यादित रिस्ता पिछले तीन वर्षों से चल रहा था। आए दिन रामप्रताप फोन पर मामी से अश्लील बातें करता और मौका पाकर हमबिस्तरी भी होता था, लेकिन जब छोटे भाई सुरेंद्र को भाई की इस करतूत का पता चला तो उसने इस रिश्ते को खत्म करने को कहा, लेकिन वह राजी नहीं था। ऐसे में मृतक सुरेंद्र अपने बड़े भाई की हरकतों को मामा से बताने लगा फिर क्या था मामा ने मामी की आजादी पर बंदिशे लगा दीं, लेकिन जब भी मौका मिलता दोनों फोन पर बात करते और मुलाकात करते। इस पर कई बार मामा ने मामी को बेरहमी से पीटा भी।
इस जानकारी पर बड़ा भाई छोटे भाई पर बिफर पड़ा और उसे रास्ते का कांटा समझकर हटाने का मन बना डाला। बस यहीं से बड़े भाई ने छोटे भाई की हत्या की साजिश रच डाली। आपको बता दें कि मृतक और उसका भाई सरकारी स्कूलों में चोरी भी करते थे, बस इसी काम के बहाने तीन दिन पूर्व उसने एक स्कूल में चोरी करने की प्लानिंग के तहत उसे गांव के बाहर बुलाया और अवैध तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या को अंजाम देने के बाद पुलिस को गुमराहा करने लगा, लेकिन पुलिस ने इस अंधे कत्ल को गंभीरता से लिया और खुलासे में जुट गई।
डेमो
थाना कबरई के ग्राम बबेड़ी निवासी सुरेंद्र (18) पुत्र बालिस्टर सिंह का शव नौ जुलाई को गांव के ही अनिल सिंह के खेत पर मिला था। दादा ने थाना कबरई में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस अधीक्षक अनीस अहमद अंसारी ने इस हत्याकांड का खुलासा करने के लिए थानाध्यक्ष कबरई बलजीत सिंह, एसआई विमल सिंह, एसआई बसंत लाल, कांस्टेबल मनीष कुमार, बृजेंद्र कुमार, सर्विलांस प्रभारी सुरेंद्र सिंह यादव, हेड कांस्टेबल अच्छेलाल, कांस्टेबल वीरेंद्र प्रताप सिंह, अरुण कुमार की दो टीमें बनाई थी।
पहले भी दर्ज है मुकदमा
छोटे भाई की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी रामप्रताप उर्फ वीपी पर पहले भी थाना कबरई में मुकदमा दर्ज है। रामप्रताप ने वर्ष 2012 में गांव के विक्की पुत्र सुरेंद्र सिंह पर तमंचे से फायर कर दिया था। अब रामप्रताप पर भाई की हत्या और 25 आर्म्स एक्ट का भी मुकदमा दर्ज किया गया है।