ऐसे में कुछ लोग इनमें नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे हैं। बताया कि उनके कर्मचारी वीरेंद्र के माध्यम से उन्हें पता चला कि कंपनी की ठेकेदार निशांत एंटरप्राइजेज के कर्मचारी नरेश अधिकारियों से अपनी पहुंच बता लोगों को पैसे के बदले रोजगार की बात कह रहा है। उसने 10-12 लोगों को रोजगार का वादा भी किया है। जिनसे 15-16 लाख रुपये वसूले हैं।
पांच लोगों ने कंपनी में प्रार्थना पत्र दिया है
वीरेंद्र ने सीनियर एक्सीक्यूटिव को नकली नियुक्ति पत्र भी दिखाए। जिन्हें ठगी के शिकार भोले-भाले लोगों को दिए गए थे। वीरेंद्र ने यह जानकारी इसलिए दी, क्योंकि लोग उससे ज्वाइनिंग की तारीख पूछ रहे हैं। बताया कि पांच लोगों ने कंपनी में प्रार्थना पत्र दिया है। इसमें उन्होंने वीरेंद्र पर रुपये लेने का आरोप लगाया है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
वहीं वीरेंद्र ने भी स्वीकार्य किया कि नरेश ने लोगों को जाली नियुक्ति पत्र दिए हैं। एसपी के आदेश पर सुमेरपुर पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।