हादसे में घायल रिया व रामस्वरूप ने बताया कि बहुत तेज बारिश शुरू हुई थी। उसी वजह से वह सब बैंक की बाउंड्रीवाल से सटकर खड़े हो गए थे। यह नहीं पता था कि बाउंड्रीवाल जर्जर है। इसी दौरान यह आठ फीट ऊंची दीवार करीब 12 फीट लंबाई में ढह गई। रिया व रामस्वरूप ने बताया कि वह दीवार से पूरी तरह से सटे नहीं थे। आगे की तरफ खड़े थे। इस वजह से वह बच गए। हालांकि दोनों के सिर में गंभीर चोट आई है। रामस्वरूप की हालत ज्यादा गंभीर है।
जर्जर थी दीवार, जिम्मेदारों ने नहीं ली सुध
बैंक परिसर की बाउंड्रीवाल नीचे से पूरी तरह से जर्जर हो चुकी थी। इसी वजह से बारिश के दौरान हादसा हुआ। जिम्मेदारों ने अगर सुध ली होती, तो हादसा न होता। हादसा होने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। एक तरह से लापरवाही ने दो की जान ले ली और दो गंभीर रूप से घायल हो गए।
ऐसे हुआ था हादसा, दो लोगों की हुई मौत
बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे से तेज बारिश शुरू हुई। करीब दो बजे बैंक परिसर की बाउंड्रीवाल का एक हिस्सा ढह गया। दीवार के पास खड़े चार लोग मलबे में दब गए। पास में खड़े पुलिसकर्मी व राहगीरों ने मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला और उर्सला में भर्ती कराया।
डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार ने बताया कि हादसे में बाबा घाट निवासी राधा पांडेय (42) और बिरहाना रोड निवासी विनोद कुमार त्रिवेदी (50) की मौत हो गई। राधा की 16 वर्षीय भतीजी रिया व देव नगर निवासी रामस्वरूप घायल हो गए। रामस्वरूप की हालत नाजुक है। उन्हें हैलट रेफर किया गया है।
भतीजी की दवा लेने गईं थीं राधा
बाबा घाट निवासी राधा पांडेय भतीजी रिया को लेकर दवा लेने गईं थीं। बारिश शुरू हुई तो बैंक की दीवार के किनारे खड़ी हो गईं। राधा के पति विवेक पेशे से ड्राइवर हैं। उनकी तीन बेटियां हैं। मृतक विनोद कुमार त्रिवेदी के बारे में पुलिस और अधिक जानकारी जुटा रही है। घायल राम स्वरूप चूरन बेचकर घर का खर्च चलाते हैं।