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अलर्ट : कल से 35 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकतीं गर्म हवाएं

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इटावा। बढ़ती गर्मी के बीच मौसम वैज्ञानिकों ने 25 अप्रैल से गर्म हवाओं की रफ्तार बढ़ने को लेकर अलर्ट जारी किया है। जिले में इन हवाओं की रफ्तार 35 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। वहीं, अगले सप्ताह से न्यूनतम तापमान में भी तेजी से बढ़ोतरी होने की आशंका है।
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मंगलवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से ही मौसम में गर्माहट रही। दोपहर लगभग एक बजे सूरज की तपिश के साथ गर्म हवाएं भी लोगों को झुलसाने लगीं। शाम को लगभग चार बजे तक गर्म हवाओं की वजह से लोग घरों से बाहर नहीं निकल सके। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन पांडे के अनुसार, 25 अप्रैल से गर्म हवाओं की रफ्तार तेज हो जाएगी। गर्म हवाओं का वेग बढ़ने के साथ लू का प्रकोप बढ़ेगा।
यह आम जनजीवन के जीवन को प्रभावित करेगा। लू का प्रकोप जून तक हावी रहेगा। ऐसे में लोगों को बचने की जरूरत है। गर्म हवाओं की रफ्तार लगभग 35 किलोमीटर प्रति घंटे तक होने से हीट स्ट्रोक की संभावनाएं बढ़ सकती है। ऐसे में सभी को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह एक मई के बाद से अधिकतम तापमान से ज्यादा न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होगी। मंगलवार को लगभग 22 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा है। वहीं, एक मई के बाद 27 डिग्री तक न्यूनतम तापमान जाने से लोगों और परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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लू में यह करें बचाव

- डॉ. अजय शर्मा के अनुसार, तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने पर ठंडा या बर्फीला पानी पीने से बचें। क्योंकि हमारी छोटी रक्त वाहिकाएं फट सकती हैं।

- भीषण धूप और लू के बीच से आने के बाद तुरंत हाथ पैर न धोएं। कम से कम आधे घंटे बाद हाथ, पैर धोएं और स्नान करें। क्योंकि एक दम तेज गर्मी और ठंडक से स्ट्रोक का असर शरीर पर पड़ सकता है।

- यदि आप बहुत थके हुए हैं, तो तुरंत बहुत ठंडा पानी पीने से बचें। क्योंकि इससे नसें या रक्त वाहिकाएं संकीर्ण हो सकती हैं। इससे भी स्ट्रोक होने का डर रहता है।



अस्पतालों में डायरिया के मरीज बढ़े
गर्मी अधिक होने की वजह से जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में भी मरीजों की संख्या बढ़ गई है। दोनों ही अस्पतालों में सुबह से ही मरीजों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। जिला अस्पताल की ओपीडी में लगभग 1200 मरीज दिखाने के लिए पहुंचे। इनमें से ज्यादातर मरीज डायरिया के शिकार है। गर्म हवाओं की वजह से लोग डायरिया की चपेट में आने लगे हैं। मंगलवार को दोनों अस्पतालों में लगभग 300 उल्टी और दस्त से पीड़ित आए। डॉक्टरों के अनुसार, डायरिया से बचने के लिए हर व्यक्ति को दिनभर में लगभग पांच लीटर पानी पीना चाहिए।
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