कानपुर। अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उनके परिवार के सदस्यों के असलहा लाइसेंस की जांच तेज हो गई है। अधिवक्ता सौरभ भदौरिया ने शिकायती पत्र डीएम और सीपी को देकर जांच की मांग की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि अखिलेश और उसके भाइयों के पास जो लाइसेंस हैं वह पंजाब के लुधियाना और पटियाला इलाके के गलत पते से बनवाए गए हैं। आरोपों की जांच करने के लिए डीएम ने एडीएम सिटी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। जांच में यदि आरोप सही पाए गए तो अखिलेश और उसके भाइयों के लाइसेंस निरस्त हो सकते हैं। जांच कमेटी में एडीएम के अलावा केडीए सचिव और एसीपी बाबूपुरवा शामिल हैं। अब तक की जांच में यह साफ हो गया है कि लाइसेंस पंजाब से बनवाने के बाद इन लोगों ने कानपुर के पते पर ट्रांसफर करवा लिए हैं। ऐसे में अब इससे जुड़े सारे दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है।
अखिलेश दुबे ने रिवाल्वर का लाइसेंस संख्या 262 दिनांक 2 अगस्त 1985 को लुधियाना जिले से बनवाया था। यह फर्जी पता दिखाकर बनवाया गया था। अखिलेश दुबे का ही एक अन्य लाइसेंस संख्या 105 डबल बैरल भी 1 फरवरी 1985 को बना था। भाई सर्वेश दुबे की रिवॉल्वर का लाइसेंस 13 फरवरी 1992 को पंजाब में लुधियाना जिले से बनवाया गया था। एक अन्य लाइसेंस संख्या 1167, 13 सितंबर 2013 को कानपुर से बना था। भाई बृजेश दुबे का सिंगल बैरल का लाइसेंस संख्या 1079 वर्ष 2010 में एवं रिवॉल्वर का लाइसेंस संख्या 1145 वर्ष 2011 में बना था। इसके अन्य भाई निखिलेश दुबे के रिवॉल्वर का लाइसेंस संख्या 137 दिनांक 4 अगस्त 1990 को पटियाला से बनवाया गया था। उसे एक दिन में दो यानी इसी दिन रायफल का लाइसेंस भी लाइसेंस जारी किया गया था जिसकी संख्या 526 है। वहीं, पत्नी मधु के नाम से भी दो लाइसेंसी असलहे हैं। इनकी असलहा संख्या 1134 एवं 1152 है। उसकी पत्नी मधु के नाम पर असलहा संख्या 1134 एवं 1152 है। इसे छह जुलाई 2011 एवं 23 मार्च 2012 को बनवाया गया था। बेटे अखिल दुबे के पास रिवाॅल्वर है। इसकी लाइसेंस संख्या 1217 है। यह 15 जून 2019 को बनाया गया था। कमेटी के सदस्यों के अनुसार दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर पंजाब में दिए गए पतों पर भी सत्यापन कराया जा सकता है। गलत पाए जाने पर कार्रवाई की संस्तुति वाली रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी।