धक्का-मुक्की से नाराज हुए अखिलेश यादव
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स्वागत को लेकर कार्यकर्ताओं की धक्का-मुक्की से नाराज सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव किसान सम्मान यात्रा को हरी झंडी दिखाए बिना ही कानपुर निकल गए। जिला पदाधिकारियों ने खानापूर्ति करते हुए यात्रा निकाली।
इसी बीच सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी ने रोक लिया। पूर्व मुख्यमंत्री का काफिला शहर से बाहर जाते ही यात्रा को समाप्त करा दिया गया। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बुधवार को कानपुर जाना था। उन्हें लखनऊ-कानपुर हाईवे से निकलना था।
जानकारी होने पर स्थानीय सपा नेताओं व पदाधिकारियों ने किसानों के समर्थन में मंडी परिषद से प्रस्तावित किसान सम्मान यात्रा को राष्ट्रीय अध्यक्ष से हरी झंडी दिखाने का कार्यक्रम तय कर लिया था। बुधवार दोपहर तय समय पर अखिलेश यादव मंडी परिषद पहुंचे।
वह कार से उतरने लगे तो पदाधिकारियों के साथ कार्यकर्ताओं में चेहरा दिखाने व स्वागत करने की होड़ मच गई। धक्कामुक्की होने से अफरातफरी मच गई। इस पर अखिलेश यादव नाराज हो गए और गाड़ी से नीचे नहीं उतरे। उन्होंने अंदर से ही हाथ हिलाकर कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया।
उनके सुरक्षाकर्मियों ने किसी को भी आगे नहीं बढ़ने दिया। अखिलेश यादव पार्टी पदाधिकारियों और मीडिया से बिना बात किए कानपुर चले गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष के जाते ही स्थानीय पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में ट्रैक्टर में बैठकर किसान सम्मान यात्रा निकालने की खानापूर्ति की।
इसी दौरान पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट चंदन पटेल व सीओ सिटी गौरव त्रिपाठी ने यात्रा को रोक दिया। फिर जिलाध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारियों को साथ में आगे ले जाकर यात्रा समाप्त करने के आश्वासन पर छोड़ दिया। जिला महासचिव सुरेश कुमार पाल, सदर विधानसभा प्रभारी मनीषा दीपक, सोनी सिंह परिहार, राजेश मिश्रा, युवजन सभा जिलाध्यक्ष आदिल खां, सुनील यादव, अंशुमान यादव समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कानपुर जाने के दौरान अखिलेश यादव के रुकने पर कार्यकर्ताओं ने कई तरह के उपहार देकर स्वागत की रूपरेखा बनाई थी। पूर्व मुख्यमंत्री के न रुकने पर सभी मायूस हो गए। चांदी का मुकुट समेत अन्य उपहार धरे रह गए।
असोहा ब्लाक प्रमुख ने दिया प्रतीक चिह्न
लखनऊ से कानपुर जाते समय समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का काफिला टोल प्लाजा पर रुकने पर असोहा ब्लाक प्रमुख राज कुमार रावत ने प्रतीक चिह्न भेंट किया। पूर्व सीएम के निकलने की सूचना पर टोल की 12 नंबर लेन को दस मिनट पहले ही खाली करा दिया गया था। सोहरामऊ एसओ सुरेश कुमार पटेल, अजगैन कोतवाल संतोष कुमार व चौकी इंचार्ज जितेंद्र यादव सीमा पर मुस्तैद रहे।