क्षत्रिय मिलन समारोह को संबोधित करते पूर्व मंत्री बादशाह सिंह
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अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने यूपी के बांदा जिले में राजनैतिक दलों को खबरदार किया कि तुष्टीकरण बंद करें। धर्म और तुष्टीकरण की राजनीति में सवर्ण दोयम दर्जे के नागरिक बनकर रह गए हैं। जातीय आंकड़ों की बाजीगरी की जा रही है।
रविवार को बबेरू रोड स्थित मैरिज हाल में आयोजित क्षत्रिय मिलन समारोह में बड़ी संख्या में चित्रकूटधाम मंडल के क्षत्रिय शामिल हुए। उन्हें संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री कुंवर बादशाह सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर केंद्र सरकार दोषपूर्ण एससीएसटी कानून लाई है। इसके दुरुपयोग की पूरी संभावना है।
कानून ऐसा हो कि दोषी दंडित हो और निर्दोष फंस न पायें। पूर्व मंत्री ने कहा कि इस कानून से सवर्ण और बैकवर्ड सहम गए हैं। इसके जरिये भारतीय समाज में सहिष्णुता और बंधुत्व भाव पर विद्वेष के बीज बो दिए गए हैं।
आजादी को 70 साल हो गए अब कोई भी संपूर्ण जाति गरीब नहीं रह गई
क्षत्रिय मिलन समारोह में उपस्थित लोग
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भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री राजेश सिंह सेंगर कहा कि आजादी को 70 साल हो गए अब कोई भी संपूर्ण जाति गरीब नहीं रह गई। ऐसे में जातियों के आरक्षण की समीक्षा होनी चाहिए। संपन्न लोगों को जातिगत आरक्षण देना गरीबों का हक मारना है। उन्होंने कहा कि सवर्ण कहे जाने वाले अति गरीब बच्चों को स्कूलों में प्रवेश के समय से ही आरक्षण का दंश झेलना पड़ रहा है। गरीबी में पढ़े मेधावियों को नौकरियों में अक्सर अवसर नहीं मिलते। इससे युवा भी आहत हैं।
महासभा के प्रदेश अध्यक्ष उदयशंकर सिंह ने क्षत्रिय समाज से कहा कि कुरीतियां छोड़ें। विवेकशील परंपराएं अपनाएं। एक-दूसरे को नीचा दिखाना बंद करें। अहम के टकराव से बचें। एकता और सहयोग के युग की शुरुआत करें। तभी समाज सशक्त होगा। सम्मेलन का संचालन अधिवक्ता श्याम सिंह ने किया। पूर्व चेयरमैन शैलेंद्र सिंह ने सबका आभार जताया। वीरेंद्र सिंह (कौशांबी), सर्वजीत सिंह, जिला पंचायत पूर्व अध्यक्ष जगराम सिंह चौहान, पूर्व एमएलसी जयवंत सिंह, मटौंध चेयरमैन सुधीर सिंह, अशोक सिंह गौर, नरेंद्र सिंह नन्ना, प्रभाकर सिंह चंदेल, कमलेश सिंह, शिवमंगल सिंह, सूर्यपाल सिंह चौहान, राजाबाबू सिंह परमार, राजेश परिहार आदि शामिल रहे।
क्षत्रिय मिलन समारोह में सवर्ण वर्ग के जनप्रतिनिधियों की जमकर भर्त्सना की गई। केंद्र सरकार को वोटों का सौदागर बताया गया। मांग की गई कि देश में समान कानून लागू हो। जनसंख्या नियंत्रण के ठोस उपाय किए जाएं। कहा कि छात्र धर्म, राष्ट्र धर्म और राष्ट्रहित सर्वोपरि जैसी भावनाएं और सौहार्द सिर्फ क्षत्रियों में है।