आकांक्षा के पिता एनके शुक्ला ने बताया कि उनकी बेटी 4 साल पहले एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गई थी। वो यूक्रेन में फंसी हुई है। उन्होंने बेटी की वापसी के लिए सरकार से गुहार लगाई है। वे लोग बेटी की सुरक्षा को लेकर बहुत चिंतित हैं।
कानपुर में चकेरी के सुभाष रोड लालबंगला निवासी आकांक्षा शुक्ला भी यूक्रेन में फंस गई हैं। फोन पर परिजनों को बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद यूक्रेन में भूखों मरने की नौबत आ गई है। उन्हें भारतीय दूतावास से भी मदद नहीं मिल पा रही है।
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बकौल आकांक्षा, वहां दिनभर उड़ान भरते हेलीकॉप्टर और धमाकों की आवाज सुनाई दे रही है। एनके शुक्ला ने बताया कि उनकी बेटी आकांक्षा चार साल पहले एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन गई थी। उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित पिता ने सरकार से उसकी सकुशल वापसी कराने की गुहार लगाई है।
मीडिया में आ रहीं युद्ध की खबरों और तस्वीरों को देखकर परिवार सहमा हुआ है। उनकी मां शशि और भाई अभिषेक बहुत डरे हुए हैं। एनके शुक्ला के मुताबिक, आकांक्षा जुलाई में घर आई थी। अब 25 फरवरी को उसकी वापसी का टिकट था, लेकिन युद्ध के कारण उड़ान रद्द हो गई। परिजनों के अनुसार, बैंक खाते में पैसे होने के बाद भी यूक्रेन में एटीएम से रकम नहीं निकल पा रही है।