कानपुर। एआई बेरोजगारी नहीं फैलाएगा बल्कि कीमती समय की बचत करेगा। अब यह लोगों के ऊपर है कि अपने बचे हुए समय का कैसे सदुपयोग कर सकते हैं। यह बात हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग तथा द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), कानपुर लोकल सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में ह्यूमन-सेंट्रिक एंड रिस्पान्सिबल एआई विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य वक्ता व और आईआईटी के प्रोफेसर वाईएन सिंह ने कही।
उन्होंने कहा कि हालांकि भविष्य की एआई तकनीकों का विकास मानव मूल्यों एवं सामाजिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाना अनिवार्य है। संगोष्ठी में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और उद्योगों से आए विशेषज्ञों द्वारा 30 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। डीप लर्निंग, एक्सप्लेनेबल एआई, एआई एथिक्स, सस्टेनेबल एआई, एआइ एजेंट्स, ब्रेन-कंप्यूटर इंटरेक्शन तथा सहयोगात्मक एआई जैसे आधुनिक विषयों पर चर्चा की गई।
कुलपति प्रो. समशेर ने कहा कि ऐसी संगोष्ठियां विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को नवीन तकनीकी शोध और उद्योग जगत की व्यावहारिक जरूरतों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि दीपक अग्रवाल, श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय, कटरा के कुलपति प्रो. मनोज गुप्ता ने विचार रखे। इस मौके पर प्रो. अनिता यादव, प्रो. रघुराज सिंह, प्रो. प्रभात वर्मा, प्रो. वंदना दीक्षित कौशिक, डाॅ. राशि अग्रवाल, डाॅ. विवेक सिंह वर्मा आदि मौजूद रहे।