कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) की लापरवाही से 2021-24 बैच के बीएससी एग्रीकल्चर ऑनर्स के छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। प्रथम और द्वितीय साल के छात्रों की मार्कशीट में विषय गलत लिखा हुआ है। तीसरे और चौथे साल की मार्कशीट छात्रों को नहीं मिली है जबकि कोर्स पूरा किए एक साल से अधिक का समय हो गया है। इस देरी के कारण सैकड़ों छात्र परेशान हैं। छात्र कॉलेज और विवि के बीच चक्करघिन्नी बनकर रह गए हैं। उनका कहना है कि न तो नौकरी लग पा रही है और न ही विदेश में पढ़ाई करने जा पा रहे हैं।
सीएसजेएमयू से संबद्ध डिग्री कॉलेजों में बीएससी एग्रीकल्चर ऑनर्स के कोर्स संचालित होते हैं। चार साल के इस कोर्स में 2021 में दाखिला लिए तीसरे और चौथे सेमेस्टर के सभी छात्र मार्कशीट के इंतजार में हैं। छात्रों को ऑनलाइन डिग्री तो मिल गई है लेकिन इसकी हार्ड कॉपी अभी तक नहीं मिली जबकि विश्वविद्यालय द्वारा डिग्री जारी किए जाने का दावा काफी पहले किया जा चुका है। मई 2025 में अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं समाप्त होने के बाद भी आज तक किसी छात्र को अंतिम वर्ष की मार्कशीट नहीं मिली है जिससे छात्रों में आक्रोश है।
इसके अलावा द्वितीय सेमेस्टर की मार्कशीट में फंडामेंटल ऑफ क्राॅप फिजियोलॉजी विषय का नाम फंडामेंटल ऑफ क्राॅप साइकोलॉजी दर्ज कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि यह गलती केवल ऑनलाइन परिणाम तक सीमित नहीं रही बल्कि छात्रों को जारी की गई फिजिकल मार्कशीट में भी वही त्रुटि है। लंबे समय से शिकायतों के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब तक इसे सुधारने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। छात्रों का कहना है कि मानते हैं कि कई जगह ऑनलाइन मार्कशीट से काम चल जाता है लेकिन अभी भी विभाग ऐसे हैं जहां हार्ड काॅपी मांगी जाती है। औरैया के जनता महाविद्यालय के छात्र आदर्श सिंह गौर ने कहा कि विवि और कॉलेज के बीच उलझ गए हैं। कॉलेज कहता है कि विवि जाकर संपर्क करो जबकि विवि कहता है मार्कशीट सीधे कॉलेज में आएगी।