स्वाइन फ्लू फैलने पर स्थायी लोक अदालत में जिलाधिकारी, नगर आयुक्त और जल संस्थान के जीएम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। कहा गया है कि इन तीनों अफसरों की लापरवाही से गंदगी और सुअरों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। इसी कारण शहर में स्वाइन फ्लू फैला है। अदालत ने तीनों अफसरों को 28 फरवरी को तलब किया है। मुकदमा दर्ज कराने के लिए दी गई अर्जी में यह भी कहा गया है कि तहसील दिवस में नौ बार अर्जी देने के बाद भी बाबूपुरवा कालोनी के ब्लाक नंबर 197 के पीछे सफाई नहीं हो सकी।
सेंट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री प्रवीण फाइटर ने स्थायी लोक अदालत में जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, जल संस्थान के जीएम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए अर्जी दी। इसमें कहा गया है कि यूं तो पूरे शहर में गंदगी का आलम है लेकिन श्रमिक कालोनियों के पीछे की गलियों में भारी गंदगी बजबजा रही है। वहां पर सुअरों ने अपने अड्डे बना रखे हैं। इससे स्वाइन फ्लू फैल रहा है। कचहरी तक में कूड़े के ढेर लगे हैं। इन तीनों अफसरों की लापरवाही से ही शहर में स्वाइन फ्लू फैला है। अधिवक्ता प्रवीण फाइटर ने बताया कि स्थायी लोक अदालत के चेयरमैन सुभाष चंद्र, वरिष्ठ सदस्य डीसी भार्गव और सदस्य आशा रानी ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। तीनों अफसरों को 28 फरवरी को तलब किया है। कोर्ट के आदेश की रिसीविंग भी करा दी गई है।
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फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट तक में अपील नहीं
स्थायी लोक अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट तक में अपील नहीं होती है। इस कोर्ट में स्वास्थ्य सेवाएं, ट्रांसपोर्ट, सफाई, नाली, सड़क, बिजली, डाकघर, टेलीफोन, इंश्योरेंस समेत अन्य मुकदमों की सुनवाई होती है। सबसे अहम बात यह है कि कोर्ट किसी भी मुकदमें में तीन माह में फैसला सुनाती है। इस कोर्ट के मुकदमों का टाइम बांड है।