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अमर उजाला कि वीडियाे पर मचा हड़कंप, अंश कि माैत की हाेगी जांच

Tue, 30 Aug 2016 02:46 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
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हैलेट अस्पताल में स्ट्रेचर न म‌िलने पर बुखार से पीड‌ि़त बेटे काे इलाज के ल‌िए कंधे पर ले जाते सुनील (फाइल फाेटाे)
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 बुखार से तड़प रहे बेटे को कंधे पर लिए एक बाप दर-दर भटकता रहा। अस्पताल में पहुंचा तो डाक्टर भर्ती करने की बजाय उसे एक जगह से दूसरे जगह दौड़ाते रहे। पत्थर दिल डॉटक्टरों ने स्ट्रेचर तक नहीं मुहैया कराया। दिल के टुकड़े  की जान बचाने के लिए बाप उसे कंधों पर लेकर एक वार्ड से दूसरे वार्ड भटकता रहा, लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हुई। आखिरकर सरकारी बदइंतजामी और डाक्टरों की लापरवाही से 12 साल के मासूम अंश ने अपने पिता के कंधों पर ही दम तोड़ दिया। बीते शुक्रवार को कानपुर के लालालाजपत राय अस्पताल (हैलेट) में हुए इस हृदयविदारक घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया।
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अमर उजाला के खबर पर जागा प्रशासन

अस्पताल में एक जगह से दूसरे जगह दाैड़ने के बाद काेई सुनवाई नहीं हुई अाैर अंश ने दम ताेड़ द‌िया।
अस्पताल में मौजूद अमर उजाला के संवाददाता ने पूरे घटनाक्रम की वीडियो तैयार की। सिस्टम की बेरुखी के इस आलम को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसका वीडियो जब अमर उजाला डॉट कॉम के जरिए देशभर में वायरल हुआ तो सरकारी महकमा में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मंगलवार को जिलाधिकारी कानपुर कौशल राज शर्मा ने वीडियो को संज्ञान में लेते हुए जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी। कमेटी तीन दिनों में जांच पूरी कर डीएम को रिपोर्ट सौंपेगी और उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। कमेटी में एसीएम-6 और एडिशनल सीएमओ को रखा गया है।

 
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मांगी मदद, म‌िला बहाना

हैलेट अस्पताल में स्ट्रेचर न म‌िलने पर बुखार से पीड‌ि़त बेटे काे इलाज के ल‌िए कंधे पर ले दाैड़ा प‌िता (फाइल फाेटाे)
दरअसल फजलगंज के मरियमपुर इलाके के रहने वाले 12 वर्षीय अंश को बीते गुरुवार की रात तेज बुखार की शिकायत हुई। पिता सुनील ने उसे रात में बुखार की दवा देकर आराम करने को कह दिया। दूसरे दिन जब बुखार बढ़ गया तो सुनील उसे लेकर हैलेट अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने इमरजेंसी वार्ड में मौजूद डाक्टरों से बेटे के इलाज के लिए मिन्नतें कीं। डाक्टरों ने यह कहते हुए भर्ती करने से मना कर दिया की यहां बच्चों का इलाज नहीं होता। उसे चिल्ड्रेन वार्ड में ले जाने की सलाह दी। चिल्ड्रेन वार्ड में ले जाने के लिए स्ट्रेचर तक देने से मना कर दिया। बेटे की जान बचाने के लिए सुनील उसे कंधों पर लेकर पांच सौ मीटर दूर चिल्ड्रेन वार्ड के लिए निकल पड़ा। वहां भी एक जगह से दूसरी जगह टरकाया गया और आखिरकार अंश ने पिता के कंधों  पर ही दम तोड़ दिया।
 
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