बेटियों ने घर से निकाला तो पुलिस केे पास शिकायत करने पहुंचा पिता
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1965 की लड़ाई हो या फिर 1971 की। चकेरी निवासी 73 वर्षीय कृष्णाधार पाल इन दोनों जंगों में शामिल रहे हैं। वह वायुसेना में वारंट अफसर थे। पर, आज वह दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। दोनों बेटियों व दामादों ने उनके मकान पर कब्जा कर लिया है।
उनके पास रहने को छत तक नहीं है। गुरुवार को उन्होंने एडीजी प्रेम प्रकाश को पूरी घटना बताई। एडीजी ने एसएसपी को मामले में कार्रवाई के आदेश दिए। गंगा नगर चकेरी निवासी कृष्णाधार पाल ने बताया कि उनकी दो बेटियां हैं। दोनों की शादी हो चुकी है।
कुछ समय पहले उनकी पत्नी शोभारानी की मौत हो चुकी है। आरोप है उनकी दोनों बेटियां व दामाद ने उनके घर पर कब्जा कर लिया है। पांच तारीख को उनके कमरों का ताला तोड़कर कीमती सामान भी पार कर लिया। फिर घर से बाहर निकालकर अंदर से ताला लगा दिया।
आरोप है कि वह दूसरे दिन चकेरी थाने पहुंचे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। तब उन्होंने एडीजी से गुहार लगाई। एडीजी प्रेम प्रकाश ने बताया कि मामले में एसएसपी को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
बहुतों की बचाई थी जान
कृष्णाधार ने बताया कि जब वह वारंट अफसर के पद थे, तो उसी दौरान 65 व 71 की जंग हुई थी। इस दौरान उन्होंने खुद बहुत से घायल जवानों का अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाई थी। चकेरी पुलिस के सुनवाई न करने पर भी एडीजी ने नाराजगी जताई है।