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Kanpur: आजादी के बाद शिया समुदाय ने पेश किया कुरान का पहला हिंदी अनुवाद, 10 साल की लगी मेहनत…ये है खास

Thu, 06 Feb 2025 04:47 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: मौलाना हाफिज बाकरी ने बताया कि 10 साल की मेहनत के बाद यह अनुवाद किया गया है।  कुरान पाक का अनुवाद अरबी से सामान्य हिंदी और आम आदमी की भाषा में किया गया है, ताकि हर शख्स समझ ले। कठिन अरबी शब्दों की सरल व्याख्या भी की गई है।
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कुरान के हिंदी अनुवाद का विमोचन - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में आजादी के बाद शिया समुदाय से कुरान का पहला हिंदी अनुवाद प्रस्तुत किया गया है। बुधवार को जश्न-ए-अहलेबैत के मौके पर सावित्रीनगर, रामादेवी में आयोजित कार्यक्रम में हिंदी अनुवाद का विमोचन किया गया। अनुवाद अलीगढ़ के मौलाना शाहिद हुसैन मीसम ने किया है। मौलाना हाफिज बाकरी ने बताया कि 10 साल की मेहनत के बाद यह अनुवाद किया गया है।

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इसे इमामिया यूथ ऑर्गेनाइजेशन ने प्रकाशित किया है। कुरान पाक का अनुवाद अरबी से सामान्य हिंदी और आम आदमी की भाषा में किया गया है ताकि हर शख्स समझ ले। कठिन अरबी शब्दों की सरल व्याख्या भी की गई है। जो लोग पहली बार कुरान पढ़ रहे हैं, उनके लिए भी इसे समझना बेहद आसान होगा। विज्ञान और आधुनिक शोध से जुड़े कई अहम पहलू भी समझाए गए हैं।
वक्ताओं ने बोर्ड के कार्यों के संबंध में बताया
उन्होंने बताया कि आजादी के बाद शिया समुदाय का यह पहला हिंदी अनुवाद है। कार्यक्रम में कानपुर शिया उलमा बोर्ड का गठन किया गया। साथ ही पदाधिकारियों के नामों की घोषणा की गई। बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना नसीम अब्बास हसनी बने हैं। वक्ताओं ने बोर्ड के कार्यों के संबंध में बताया। कहा कि बोर्ड आपसी मतभेदों को दूर करने, सभी मजहबों के बीच समन्वय बैठाने, जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई के इंतजाम समेत विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर कार्य करेगा।

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आजादी के बाद शिया समुदाय से यह पहला अनुवाद
उलमा बोर्ड के उपाध्यक्ष मौलाना अजहर अब्बास नकवी, सचिव मौलाना अलमदार हुसैन, कोषाध्यक्ष मौलाना हामिद हुसैन, सहायक कोषाध्यक्ष मौलाना फाजिल हुसैन, मीडिया समन्वयक मौलाना हाफिज शाहिद बाकरी बने हैं। इसके अलावा मौलाना कंबर हुसैन, मौलाना मो. हैदर और लखनऊ के मौलाना शमसुल हसन बोर्ड के सदस्य हैं। आजादी के बाद शिया समुदाय से यह पहला अनुवाद है।
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