कोतवाली में अधिवक्ता संदीप शुक्ला की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में अखिलेश दुबे को जमानत मिल चुकी है जबकि इसी मुकदमे में आरोपी महिला की जमानत अर्जी पर सुनवाई चल रही है। इसी दौरान विवेचक ने अखिलेश और सहआरोपी महिला दोनों पर दो अन्य धाराओं की बढ़ोतरी कर दी। इसी आधार पर दोनों की न्यायिक हिरासत के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी जिस पर सीजेएम सूरज मिश्रा ने अखिलेश और महिला को शुक्रवार को जेल से तलब कर लिया है।
संदीप शुक्ला ने कोतवाली में अखिलेश दुबे व पप्पू स्मार्ट समेत दस नामजद लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि उन्होंने हिस्ट्रीशीटर पप्पू स्मार्ट के गिरोह के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था इससे रंजिश मानकर गिरोह के लोगों ने अखिलेश दुबे के साथ मिलकर उन्हें पॉक्सो एक्ट के दो झूठे मुकदमों में फंसा दिया और इन्हें खत्म कराने के नाम पर दस लाख रुपये रंगदारी मांगी। प्रतिष्ठा बचाने के लिए उन्होंने एक लाख रुपये दिए लेकिन इसके बाद भी यह लोग नहीं माने।
इस मुकदमे में रंगदारी वसूलने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में अखिलेश व महिला की न्यायिक हिरासत मंजूर हुई थी। अब विवेचना में झूठे साक्ष्य देने और किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए झूठा आरोप लगाने से संबंधित आईपीसी की धारा 195 व 211 की बढ़ोतरी की गई है। विवेचक ने इस मुकदमे में भी दोनों की न्यायिक हिरासत की मांग की। कोर्ट ने दोनों को शुक्रवार को जेल से तलब कर लिया है। कोर्ट अगर अखिलेश की बढ़ी धाराओं में न्यायिक हिरासत मंजूर कर लेती है तो उसे दोबारा जमानत अर्जी दाखिल करनी होगी।