लाजपतनगर निवासी मंजीत सिंह सहगल ने अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके दो साथियों के खिलाफ बहुत कम कीमत पर दुकान अपने नाम करने के लिए धमकी देने का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक अखिलेश दुबे ने उनसे कहा था कि इकबाल सिंह दुआ और सोनू दुआ उनके आदमी हैं। दुकान इनके नाम कर दो, जो रुपये कहे हैं उसे ले लो। उनकी शिकायत पर एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है।
लाजपतनगर निवासी मंजीत सिंह ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में दी शिकायत में आरोप लगाया है कि उन पर कोरोना काल के बाद से लाजपतनगर स्थित दुकान को बेचने का दबाव बनाया जा रहा था। यह दबाव इकबाल सिंह दुआ और सोनू दुआ बना रहे थे। उन्हें अखिलेश दुबे के नाम से लगातार धमकी दी जा रही थी। 2022 में उनको अखिलेश दुबे के साकेतनगर स्थित घर ले जाया गया। यहां पर अखिलेश दुबे ने उनसे दुकान इकबाल सिंह दुआ और सोनू दुआ के नाम करने का दबाव बनाया। उन्हें बताया गया कि इकबाल और सोनू ने इंडियन ऑयल बॉटलिंग प्लांट, पनकी में केडीए की 2000 गज जमीन कब्जा करवा दिया है।
यहां बांबे गुवाहाटी ट्रांसपोर्ट संचालित हो रहा है। अब सोच लो अगर दुकान नहीं नाम की तो जेल जाओगे। आरोपियों ने दुकान कब्जा करने के लिए फर्जी अनुबंध पत्र बनवाया और अनुबंध पत्र की तारीख कोविड लॉकडाउन के समय की अंकित की गई। इसी अनुबंध पत्र के आधार पर आरोपियों ने उन पर एफआईआर भी करा दी। कमिश्नरी पुलिस के स्टाफ ऑफिसर राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि मंजिल सिंह सहगल की शिकायत को एसआईटी को दिया गया है। वही इसकी जांच कर रही है।