कानपुर। अनुशासनहीनता के कारण परीक्षाओं से निष्कासित एचबीटीयू के 11 छात्रों को दीपावली के बाद बागबानी करने की सजा पूरी करनी होगी। विवि प्रशासन का कहना है कि पहले परीक्षा की व्यस्तता और फिर दीपावली की छुट्टियों के कारण छात्रों से सजा पूरी नहीं कराई जा सकी है।
19 सितंबर को एचबीटीयू तृतीय और चतुर्थ वर्ष के छात्रों के बीच नमस्कार न करने को लेकर गुरुदेव चौराहा के पास कहासुनी हुई थी। वहां मारपीट के बाद छात्र विवि कैंपस स्थित रमन हॉस्टल आ गए जहां फिर मारपीट और गालीगलौज हुई। दो छात्रों के सिर पर चोट लगी थी।
प्रथम दृष्ट्या 11 छात्र दोषी मिले थे जिसमें सात छात्र तृतीय वर्ष और चार छात्र अंतिम वर्ष के हैं। डीएसडब्ल्यू प्रो. अलख ने दोषी छात्रों को 2025-26 के मिड सेमेस्टर एवं विवि की सभी गतिविधियों से निष्कासित कर दिया था। इन छात्रों को 15 दिन तक बागवानी करने का दंड दिया गया था।
निष्कासित करने के बाद काफी समय तक छात्र संस्थान नहीं पहुंचे। बागवानी की सजा को लेकर विवि प्रशासन भी गंभीर नहीं दिखाई दिया। हालांकि प्रशासन का कहना है कि अनुशासनहीनता पर छात्रों को समाज सेवा से जुड़ी सजा देने का निर्देश हाईकोर्ट ने दिया है। प्रो. अलख का कहना है कि दीपावली की छुट्टियों के बाद ही बागवानी की सजा छात्रों से पूरी कराई जाएगी।