‘जन्म के एक घंटे के भीतर बच्चे का ब्लड टेस्ट कराना चाहिए, जिससे आगे होने वाली करीब 500 बीमारियों का पता लग जाता है। डॉक्टर के लिए बच्चे का इलाज करना भी आसान हो जाता है। चंडीगढ़ में न्यू बार्न स्क्रीनिंग प्रोग्राम शुरू हो गया है। यहां स्क्रीनिंग फ्री है।
जरूरत है देश के किसी भी कोने से ब्लड सैंपल चंडीगढ़ पहुंचाने की।’ यह जानकारी बुधवार को आईएमए सीजीपी में चंडीगढ़ गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज की डॉ. गुरजीत कौर ने दी। डॉ. वीके मिश्रा ओरेशन के अंतर्गत स्क्रीनिंग ऑफ न्यू बार्न बेबी पर व्याख्यान देते हुए उन्होंने कहा कि ब्लड जांच से पता चल जाएगा कि पैदा हुआ बच्चा सक्षम है या अक्षम।
यदि अक्षम है तो तत्काल उसका इलाज शुरू कर दिया जाएगा। आईएमए अध्यक्ष और जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. किरन पांडेय ने कहा कि जच्चा-बच्चा अस्पताल से बच्चों का ब्लड सैंपल चंडीगढ़ भेजने की व्यवस्था को उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी।