छिबरामऊ। राज्य महिला की आयोग की सदस्य एवं जिले की प्रभारी पुष्पा पांडेय ने बुधवार को तहसील सभागार में महिलाओं की समस्याएं सुनीं। महिलाओं द्वारा सुनवाई न करने के आरोप पर उन्होंने मौजूद अफसरों को महिलाओं से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेने की नसीहत दी।
ग्राम सराय गूजरमल में 14 नवंबर को कोटा चयन प्रक्रिया के दौरान हुए विवाद को लेकर दोनों पक्षों से कई महिलाओं ने राज्य महिला आयोग की सदस्य के सामने अपना अपना पक्ष रखा। उन्होंने एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी व सीओ सुरेश मलिक को दोनों पक्षों को बैठाकर निपटाने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान 17 शिकायतें आईं। इनमें पेंशन, प्रमाण पत्र समेत छह शिकायतों का मौके पर निस्तारण कराया। शेष 11 शिकायतों के निस्तारण कराने के साथ ही एसडीएम को निर्देश दिए।
इससे पहले ने राज्य महिला आयोग की सदस्य ने बाल विकास पुष्टाहार विभाग की ओर से गर्भवती कसावा की सुधा, लक्षीराम नगला की मीरा, रंधीरपुर की पूजा, बैजूरामपुर की पूनम व रामपुर बैजू की राधा की गोदभराई की रस्म एवं नवजात कसावा के शुभ, सरदामई की रिद्धी, रंधीरपुर की अनुष्का, गिरधरपुर के अभय का अन्न प्राशन संस्कार संपन्न कराया। इस दौरान सीओ प्रियंका बाजपेई, तहसीलदार अवनीश कुमार सिंह, डीसी एनआरएल रामकुमार लोधी, बीडीओ दीपांकर आर्य, बीईओ आनंद द्विवेदी, कोतवाल विष्णुकांत तिवारी आदि मौजूद रहे। उधर,गुरसहायगंज के मोहल्ला आज़ाद नगर स्थित लकी मानसिक मंदित आश्रय गृह का बुधवार दोपहर लगभग दो बजे राज्य महिला आयोग की सदस्य पुष्पा पाण्डेय ने औचक निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन, स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा देखभाल व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की।
शिकायत करने आई महिला की हालत बिगड़ी
सौरिख क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने राज्य महिला आयोग की सदस्य से शिकायत की। बताया कि गांव के ही पूर्व प्रधान के पुत्र पर घर बुलाकर दुष्कर्म करने व शिकायत करने पर पति व परिजनों समेत उसे जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की। महिला ने आरोप लगाया कि पुलिस से शिकायत की पर सुनवाई नहीं की गई। इस पर सदस्य भड़क गईं और सीओ को पीड़ित महिला की रिपोर्ट दर्ज कराकर आरोपी की गिरफ्तारी कराने के निर्देश दिए। शिकायत करने के बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई। मौजूद महिलाओं ने उसे संभाला और कुर्सी पर बैठाया। जनसुनवाई के दौरान मौजूद स्वास्थ्य टीम ने महिला का मौके पर ही इलाज किया।