जालौन जिले के उरई की गोशालाओं में अव्यवस्थाओं की वजह से बुधवार को हुई 28 गायों की मौत के बाद प्रशासन हरकत में आया और बुधवार देर रात 12 बजे जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर ने जिले जालौन, माधौगढ़ ब्लाक की कई गोशालाओं का औचक निरीक्षण किया।
उन्होंने संचालकों को गोशाला में इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए। इसके बाद गुरुवार को अधिकारियों ने गोशालाओं का निरीक्षण किया तो वहीं सचिवों व प्रधानों ने गोशाला में टिन शेड व अन्य इंतजाम पूरे किए। जालौन प्रतिनिधि के मुताबिक तहसीलदार बलराम गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर बुधवार को मृत पाई गए मवेशियों के शवों का पोस्टमार्टम कराया।
बडीओ महिमा विद्यार्थी के साथ एसडीएम सुनील कुमार शुक्ला भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों से गायों की मौत के बारे में जानकारी ली। आनन फानन में अधिकारियों ने गोशाला में बांस के टट्टर लगवाकर उस पर गायों को सर्द हवाओं से बचाने के लिए तिरपाल लगावाया दिया। इसके साथ ही गोशाला में अलाव की व्यवस्था की गई।
इस संदर्भ में एसडीएम सुनील कुमार शुक्ला ने बताया कि सर्दी से बचाव के लिए तिरपाल की व्यवस्था कर दी गई है। कदौरा प्रतिनिधि के मुताबिक ब्लाक क्षेत्र के ग्राम कुरहना आलमगीर में मवेशियों की मौत की सूचना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में मचे हड़कंप के बाद ग्राम प्रधान ने गोशाला में मवेशियों को सर्दी से बचाने के इंतजाम शुरू करा दिए।
वहीं कई बीमार गोशंवों का पशु चिकित्सक की टीम ने पहुंचकर इलाज भी शुरू किया। मवेशियो का चेकअप करने के उपरांत घायल मवेशियो के मरहम पट्टी भी की गई।
डीसी मनरेगा ने किया गोशालाओं का निरीक्षण
कदौरा डीसी मनरेगा अवधेश कुमार दीक्षित ने ब्लाक क्षेत्र के आधा दर्जन गांव हरचंद्रपुर, गौहना व रैला गांव में स्थित गौशालाओ का निरीक्षण किया। जहां गोवंशो के ठंड से बचाव की समुचित व्यवस्था न देख कर सचिव प्रभात कुमार को जमकर फ टकार लगाई और निर्देश दिए कि जल्द सर्दी से बचाव के लिए गोशालाओ में तिरपाल का इंतजाम करे साथ ही ठंड से बचाव के लिए सुबह शाम गौशालाओं में अलाव जलाने के निर्देश दिए। वहीं बरखेरा व निस्बापुर गांव स्थित गोशाला में समुचित व्यवस्था देख कर ग्राम विकास अधिकारी अर्चना के कार्यो की प्रशंसा की।