जालौन जिले में ब्लॉक कदौरा के कुरहना आलमगीर गांव में 12 मवेशी गोशाला के पास मरे मिले। ग्रामीणों की सूचना पर उपजिलाधिकारी कालपी कौशल कुमार व बीडीओ अतिरंजन सिंह ने गोशाला का निरीक्षण किया, लेकिन जांच में पता चला कि मृत गाय ग्रामीणों की है। वहीं, बुधवार एट के गोशाला में 10 गोवंशों की मौत हो गई।
मौके पर पहुंचे प्रधान पति और ग्रामीणों के बीच मौत को लेकर नोकझोंक हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि गोशाला में मवेशियों के लिए कोई इंतजाम नहीं है। इससे आए दिन मवेशियों की मौत हो रही है। प्रधान शवों को खुले में फिंकवा देता है। ग्रामीणाों ने मामले की जांच कराने की मांग की।
बुधवार को सुबह ग्रामीणों को गांव के बाहर गोशाला के पास 12 गोवंशों के शव पड़े मिले। ग्रामीणों ने इसकी सूचना उपजिलाधिकारी कालपी कौशल कुमार व बीडीओ अतिरंजन सिंह को दी गई। अधिकारियों ने गोशाला का निरीक्षण कर मृत मवेशियों के बारे में ग्रामीणों से पूछताछ की।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गोशाला में अव्यवस्था का आलम है। देखरेख के अभाव में जानवर दम तोड़ रहे हैं। इसके बाद उपजिलाधिकारी ने गोशाला में मवेशियों की गिनती कर खानपान की व्यवस्था देखी। गोशाला में छाया के इंतजाम न देख प्रधान को निर्देश दिए कि जल्द सर्दी से बचाव के लिए टट्टर व तिरपाल लगाए जाए।
उपजिलाधिकारी ने बताया कि कुछ गाय मृत मिली है, जो ग्रामीणों की है गोशाला में 135 मवेशी हैं, 101 के टैग लगा हुआ है, शेष में जल्द ही टैग लगाने के निर्देश दिए गए। गोशाला में साफ-सफाई व सर्दी से बचाव के निर्देश दिए है। लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
इस मौके पर ग्राम प्रधान चंदशेखर मौजूद रहे। उधर, एट थाना क्षेत्र के कोच तहसील के ग्राम पंचायत पिंडारी में बनी गोशाला में बुधवार को 10 गायों की मौत से हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंचे प्रधान पति से ग्रामीणों ने जब भूख और सर्दी के इंतजाम को लेकर जानकारी मांगी।
इस पर प्रधान पति राजेंद्र पालीवाल और ग्रामीणों के बीच वाद विवाद होने लगा। मामला तूल पकड़ता इससे पहले गांव के कुछ लोगों ने बीच बचाओ कर मामले को शांत कराया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि शासन द्वारा गोशाला में सर्दी और खाने के लिए काफी बजट मिलता, लेकिन प्रधान व सचिव मिलकर सब हड़प लेते है। गोशालाओं में खाने पीने व सर्दी के बचाव के इंतजाम नहीं है। वहीं, ग्राम प्रधान ने गायों के शवों को बिना प्रशासन के दफना दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की जाएगी।