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Kanpur: एडीएम-एसडीएम ने डिफेंस कॉरिडोर के लिए देखी जमीन, किसान बोले- हमरी खुशियां न छीनौ साब, पढ़ें मामला

Sun, 08 Sep 2024 12:29 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: साढ़ डिफेंस कॉरिडोर के विस्तार के लिए तीन गांवों की भूमि अधिगृहण का किसान विरोध कर रहे हैं। वहीं, एडीएम व नरवल के एसडीएम जमीन देखने पहुंचे। उन्होंने किसानों से भी बातचीत की। इस दौरान किसान बोले कि जमीन अधिगृहीत होने से छिन जाएंगी घर-परिवार की खुशियां।
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किसानों से बातचीत करतीं एडीएम व एसडीएम - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर के भीतरगांव में साढ़ डिफेंस कॉरिडोर के विस्तार के लिए दौलतपुर, गोपालपुर व मोहीपुर के ग्रामीणों की जमीन अधिगृहीत करने का विरोध थम नहीं रहा है। इसको देखते हुए शनिवार को एडीएम (भू-अध्यापित) रिंकी जायसवाल नरवल के एसडीएम ऋषभ वर्मा के साथ अधिगृहीत की जाने वाली भूमि के अलावा बरईगढ़ नहर पुल के पास की जमीन देखी।

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इसके बाद गोपालपुर गांव जाकर अधिगृहीत जमीन से प्रभावित किसानों से मिलीं। इस दौरान कई बुजुर्ग किसानों ने हाथ जोड़कर उनकी उपजाऊ जमीन अधिगृहण न करने की विनती की। साथ ही कहा कि उनकी उपजाऊ जमीन अधिगृहीत होने से घर-परिवार की खुशियां छिन जाएंगी। वहीं, कुछ किसान मुआवजा बढ़ाकर मिलने पर अपनी जमीन देने के पक्ष में भी दिखे।
मालूम हो कि डिफेंस कॉरिडोर के विस्तार के लिए दौलतपुर, गोपालपुर व गैरआबाद मोहीपुर के किसानों की जमीन अधिगृहीत किए जाने की अधिसूचना जारी हुई है। इसके बाद से तीनों गांवों के किसान अधिगृहण के विरोध में उतर आए हैं। हाल ही में पंचायत कर अपनी जमीन न देने का ऐलान कर चुके हैं। शुक्रवार को डीएम कानपुर नगर के यहां पहुंचकर भी अपनी समस्या बताई।

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क्षेत्र के विकास के लिए भूमि देने की बात कही
इस पर डीएम ने एसडीएम ऋषभ वर्मा को कम उपजाऊ वाली भूमि देखने का निर्देश दिया था। इसके बाद शनिवार को एडीएम रिंकी जायसवाल नरवल के एसडीएम ऋषभ वर्मा के साथ बरईगढ़ नहर पुल के पास भूमि देखने पहुंची। इसके बाद गोपालपुर गांव जाकर किसानों से बात की। किसानों से क्षेत्र के विकास के लिए भूमि देने की बात कही।
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घर-परिवार की खुशियां छिन जाएंगी

इस पर किसानों ने दो टूक कहा कि उनकी उपजाऊ जमीन चली जाने से घर-परिवार की खुशियां छिन जाएंगी। एक किसान ने एडीएम से कहा उसके पास थोड़ी भूमि है, जिसे दबंग जोते हुए हैं। इसलिए वह अपनी भूमि देने को तैयार हैं। वहीं, कुछ किसानों ने मुआवजा बढ़ाकर मिलने पर जमीन देने की बात कही।
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