परिजनों को बंधाया ढांढस
दिनदहाड़े हुई इस दुस्साहसिक लूट की सूचना पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। घटना के बाद देर रात एडिशनल सीपी डॉ. विपिन ताड़ा खुद मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और घर के बगल में पड़े खाली खंडहर प्लॉट व बाउंड्री वॉल के पास खड़े होकर बदमाशों के आने-जाने के रास्तों को देखा। एडिशनल सीपी ने पीड़ित परिजनों से बातचीत कर उन्हें आश्वस्त किया कि पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं और घटना का जल्द से जल्द खुलासा किया जाएगा।
खौफ में बीती रचना की रात
दिनदहाड़े बंदूक या हथियार के बल पर बंधक बनाए जाने की घटना के बाद से पीड़िता रचना त्रिपाठी और उनका बेटा देवांश काफी डरे और सहमे हुए हैं। पीड़िता रचना पूरी रात सो नहीं सकीं और वह रोते-रोते बार-बार यही कह रही थीं कि "अब इस इतने बड़े घर में अकेले कैसे रहेंगे?"
सुरक्षा में दो सिपाही तैनात
परिवार के खौफ और सुरक्षा के लिहाज से एडिशनल सीपी के निर्देश पर पीड़िता के घर के बाहर दो सिपाहियों की चौबीसों घंटे के लिए तैनाती कर दी गई है। वहीं, पुलिस की सर्विलांस और क्राइम ब्रांच की टीमें सीसीटीवी में दिख रहे सफेद अपाचे सवार तीनों लुटेरों की पहचान और तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।