इन प्लांट्स का उद्घाटन बालाकोट हवाई हमले 'ऑपरेशन बंदर' की पांचवीं वर्षगांठ के मौके पर किया गया, जो न सिर्फ भारतीय वायु सेना का एक ऐतिहासिक ऑपरेशन था, बल्कि बाहरी खतरों पर भारत की रणनीतिक दृढ़ता का भी प्रमाण था।
कानपुर का प्लांट 500 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है, जो सबसे बड़े एकीकृत आयुध विनिर्माण परिसरों में से एक बनने के लिए तैयार है। यह सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों और पुलिस के लिए उच्च गुणवत्ता वाले छोटे, मध्यम और बड़े कैलिबर आयुध का उत्पादन करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्लांट में छोटे कैलिबर आयुध का उत्पादन शुरू किया जा चुका है, जिसकी शुरुआत भारत की वार्षिक आवश्यकता के 25% अनुमानित 150 मिलियन राउंड से होती है।
इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'यह पूरे देश के लिए बहुत गर्व का क्षण है। यह प्लांट उत्तर प्रदेश के एक औद्योगिक बिजलीघर में परिवर्तन लाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का सार्थक प्रमाण है। अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस को उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर में सबसे बड़ा निवेश करने का श्रेय जाता है, जो एक जीवंत डिफेन्स इकोसिस्टम विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भूमि आवंटन के 18 महीने के भीतर परिचालन शुरू हो चुका है, यह बेहद उत्साहजनक है। यह हम सभी के लिए बेहद गर्व का क्षण होगा, जब इन प्लांट्स में उत्पादित आयुध और मिसाइलें राष्ट्र की सुरक्षा करने में मदद करेंगी।'
मिसाइलों और आयुध में आत्मनिर्भरता की आवश्यकता पर जोर देते हुए, थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे एवीएसएम वीएसएम एसएम एडीसी ने कहा, 'हाल की भू-राजनीतिक घटनाएं इस बात पर जोर देती हैं कि लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष की तैयारी के लिए आयुध के लिए आंतरिक स्रोतों से विश्वसनीय आपूर्ति समय की सबसे महत्वपूर्ण मांग है। इतने बड़े निवेश और महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजीस को स्वदेशी बनाने के लिए अदाणी डिफेंस और एयरोस्पेस की यह पहल उपयोगकर्ताओं में रणनीतिक सैन्य आपूर्ति के लिए भारतीय निजी उद्योग पर विश्वास उत्पन्न करने का काम करेगी। यह परिसर रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत की यात्रा में एक प्रमुख उपलब्धि है।'
अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस अदाणी ग्रुप की प्रमुख रक्षा कंपनी है। यह मानव रहित खंड, काउंटर ड्रोन, खुफिया, निगरानी और टोही प्रौद्योगिकियों और साइबर रक्षा में अद्वितीय क्षमताओं को विकसित करने और पेश करने पर भी केंद्रित है।
अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के सीईओ आशीष राजवंशी ने कहा, 'इन अस्त्र शस्त्र और मिसाइल परिसरों की स्थापना आत्मनिर्भरता की हमारी खोज को सम्पूर्ण बनाती है। यह 3,000 करोड़ रुपए से अधिक का सुनियोजित निवेश है, ऐसे में इसका प्रभाव रक्षा क्षेत्र से कहीं आगे तक फैला हुआ है। इससे 4,000 से अधिक नौकरियां उत्पन्न होंगी, जिससे एमएसएमई पर पांच गुना अधिक प्रभाव पड़ेगा और स्थानीय इकोसिस्टम को इससे अप्रत्यक्ष रूप से लाभ होगा। हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण को संरक्षित करते हुए हमारे प्रयास समावेशी और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने वाले हों।'
वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट के दौरान अदाणी ग्रुप द्वारा प्लांट्स की घोषणा के दो वर्षों से भी कम समय में आयुध कॉम्प्लेक्स का संचालन शुरू हो गया है। इंडस्ट्री 4.0 प्लांट अत्याधुनिक स्वचालन को शामिल करता है, जो आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करके गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता में उच्चतम मानक सुनिश्चित करने वाला अत्याधुनिक स्वचालन है। इसके अलावा, एक पीईएसओ प्रमाणित परिसर होने के नाते, यह मिसाइलों और सटीक-निर्देशित हथियारों के लिए विस्फोटक प्रबंधन सुविधाओं से भी होगा।