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गर्भावस्था में मां-बाप के झगड़ों से कोख में तड़पता है बच्चा, मुसीबत का सबब न बन जाए ये असावधानियां

Thu, 09 May 2019 02:53 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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प्रतीकात्मक फोटो
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मां बनना दुनिया का सबसे खूबसूरत अहसास होता है। ये अहसास जितना सुखद होता है, उतना ही मां के लिए कष्टकारी भी। गर्भवती होने के साथ ही एक औरत का जीवन जहां नई उम्मीदों से भर जाता है वहीं आने वाले दिनों की चिंता भी उसे सताने लगती है। ये चिंता खुद से ज्यादा गर्भ में पल रहे उस बच्चे के लिए होती है। 
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आपको जानकर हैरानी होगी कि गर्भवती और उसका पति अगर झगड़ा कर रहे हैं तो कोख में पल रहा शिशु परेशान हो रहा है और तड़प रहा है। यही नहीं मां के पेट के अंदर वह डर रहा है, घबरा रहा है।

गर्भावस्था के दौरान मां-बाप का झगड़ा कोख में पल रहे बच्चे के लिए मुसीबत का सबब बन सकता है। वहीं अगर मां-बाप खुश होकर बातचीत कर रहे हैं, हंस रहे हैं तो गर्भस्थ शिशु भी प्रसन्न रहता है।

यह बात कानपुर स्थित मेडिकल कॉलेज के जच्चा-बच्चा अस्पताल में आयोजित सुरक्षित मातृत्व एवं गर्भ संस्कार कार्यशाला में डॉ. संगीता सारस्वत ने बताई।
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यह भी बताया गया कि गर्भवती को अगर खुशहाल माहौल मिलेगा तो उसके शरीर में सेराटोनिन, इंडोरफिन सरीखे अच्छे हारमोन बनेंगे, जो गर्भस्थ शिशु के विकास में सहायक होंगे।

तनावपूर्ण माहौल में गर्भवती के शरीर में कार्टिसोल, एडरीनलीन जैसे खराब हारमोन रिसेंगे। इससे नसें सिकुड़ती हैं और ब्लड सप्लाई बाधित होती है। इससे बच्चे में सहनशक्ति घटती है। तनावपूर्ण माहौल से बच्चों में आत्महत्या की प्रवृत्ति विकसित होने लगती है।
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