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UP : फतेहपुर में 185 साल पुरानी नूरी मस्जिद का एक हिस्सा गिराया, 300 मीटर की दुकानें बंद…भारी फोर्स तैनात

Wed, 11 Dec 2024 05:58 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर

सार

इस दौरान पोकलैंड और जेसीबी की कई मशीनें लगी रहीं। प्रशासन की ओर से इसे अवैध निर्माण बताते हुए 17 अगस्त को नोटिस दिया गया था। मस्जिद के मुतवल्ली ने इसे लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। इस मामले की 13 दिसंबर को सुनवाई होनी है।
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नूरी जामा मस्जिद - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बांदा-कानपुर स्टेट हाईवे के चौड़ीकरण की जद में आ रही 185 साल पुरानी नूरी जामा मस्जिद का 22 फीट निर्माण मंगलवार को ढहा दिया गया। ढहाने की कार्रवाई 6 घंटे तक चली। इस दौरान पोकलैंड और जेसीबी की कई मशीनें लगी रहीं। प्रशासन की ओर से इसे अवैध निर्माण बताते हुए 17 अगस्त को नोटिस दिया गया था। मस्जिद के मुतवल्ली ने इसे लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। इस मामले की 13 दिसंबर को सुनवाई होनी है।

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जिले के ललौली कस्बा स्थित नूरी जामा मस्जिद ढहाने की कार्रवाई को लेकर एडीएम अविनाश त्रिपाठी, एडिशनल एसपी विजय शंकर मिश्र, एसडीएम सदर प्रदीप कुमार रमन, पीडब्ल्यूडी के एक्ससईएन एके गुप्ता समेत अन्य अधिकारी सुबह आठ बजे पहुंच गए थे। फोर्स ने करीब 300 मीटर इलाके की घेराबंदी कर दी। दुकानें बंद करा दी गईं और आवागमन बंद करा दिया गया। सड़क की ओर आने वाले मस्जिद के हिस्से को पहले जेसीबी से ढहाया गया। इसके बाद ऊंचाई के हिस्से को ढहाने के लिए पोकलैंड मशीन की मदद ली गई। बाद में इसका मलबा उठाकर दूर फेंकवा दिया गया।

रैपिड एक्शन फोर्स और पुलिस ने सुबह से ही मस्जिद क्षेत्र के आसपास के क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया था। पुलिस की सख्ती के कारण कस्बे के लोग बाहर गलियों में नहीं दिखे। कार्रवाई में मस्जिद का एसी, पंखा और सोलर पैनल समेत कई उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए हैं। करीब 70 फीट में मस्जिद का निर्माण कराया गया था, जिसमें से करीब 22 फीट निर्माण ढहा दिया गया। यह सड़क के बीच से 12 मीटर (40 फीट) की जद में आने वाला हिस्सा है।
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एसडीएम ने बताया कि नूरी मस्जिद प्रबंधन ने बीते तीन साल में अवैध निर्माण कराया है। लोक निर्माण विभाग की ओर से 17 अगस्त को इसके लिए नोटिस दिया गया था। विभाग 24 सितंबर को अतिक्रमण हटा रहा था। तब मस्जिद प्रबंधन ने खुद निर्माण ढहाने की बात कही थी, लेकिन निर्माण ढहाया नहीं गया। मामले को लेकर हाईकोर्ट इलाहाबाद का कोई आदेश सामने नहीं आया है।

पीडब्ल्यूडी के नोटिस के बाद अतिक्रमण हटवाया गया है। इसके लिए रूट डायवर्ट किया गया था। दुकानें नहीं बंद कराई गई थीं। अतिक्रमण ढहाने में इलाके के लोगों ने भी सहयोग किया है। माहौल शांति और सौहार्दपूर्ण है।
- विजय शंकर मिश्र-एएसपी

नूरी मस्जिद का निर्माण साल 1839 में किया गया था, उस समय यहां सड़क नहीं थी। हाईकोर्ट में याचिका के बाद भी जिला प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई की है। मुझे मस्जिद के पास तक जाने नहीं दिया गया। प्रशासन ने अचानक कार्रवाई की है। मस्जिद में रखा सामान तक नहीं निकालने दिया गया।
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- मुतवल्ली मो. मोईन खान उर्फ बबलू खान

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