यूपी में जहां एक ओर अपराध तेजी से बढ़ रहा है वहीं खाकी पर दाग के भी कई उदाहरण सामने आए हैं। जिसमें दोषी पुलिस वालों पर सख्ती से कार्रवाई भी की गई है। कानपुर देहात में कंडम वाहनों से कमाई करने वाले दो पुलिस वाले निलंबित किए गए। वहीं कानपुर देहात की एक और घटना सामने आई जिसमें चौकी के पीछे जुआ चलने पर नाराज एसपी ने चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया है। वहीं एक घटना फतेहपुर जिले की है जिसमें
सिपाहियों का वसूली करते वीडियो वायरल हुआ। जिसके बाद दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है।
कंडम वाहनों से कमाई करने वाले दो पुलिस वाले निलंबित
कानपुर देहात में कंडम हो चुके पुलिस के वाहनों को चालू हालत में दर्शाकर डीजल-पेट्रोल, बैटरी, टायरों की खपत के नाम पर सरकारी धन से कमाई करने के आरोप में दरोगा स्तर के दो पुलिस वाले निलंबित कर दिए गए हैं। एसपी अनुराग वत्स ने निलंबन के फैसले के साथ तीन सदस्यीय टीम को विस्तार से जांच के निर्देश भी दिए हैं।
एसपी के मुताबिक कार्रवाई की जद में आने वालों में पुलिस लाइन में तैनात परिवहन शाखा प्रभारी गोशरण लाल तिवारी और डायल यूपी 112 के टीम के परिवहन शाखा प्रभारी कामता प्रसाद शुक्ल हैं। दरोगा स्तर के इन दोनों पुलिस कर्मियों के निलंबन के साथ सीओ अकबरपुर, सीओ डेरापुर और यूपी 112 प्रभारी की तीन सदस्यीय टीम को जांच सौंपी है।
कंडम वाहनों से रकम बनाने के खेल का मामला यहां से स्थानांतरित एसपी राधेश्याम के कार्यकाल (30 मई 2018 से नौ जून 2019) के समय पहली बार चर्चा में आया था। बताया गया था कि कंडम वाहनों के नाम पर डीजल और पेट्रोल आवंटित कराके सरकारी धन की हेराफेरी की गई है। यही नहीं कंडम वाहनों के नंबरों का इस्तेमाल कर नई बैटरी और टायरों की खरीद का खर्च भी वसूला गया।
एसपी का तबादला हो जाने के बाद मामले को लेकर खामोशी हो गई। इस बीच एसपी अनुराग वत्स की जानकारी तक भी मसला पहुंच गया। एसपी ने बताया कि शुरुआती पड़ताल में भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर दरोगा स्तर के दोनों पुलिस वालों के निलंबन का निर्णय लिया गया है। घपले की गहराई तक जाने के लिए तीन सदस्यीय टीम जांच करेगी।
चौकी के पीछे जुआ चलने पर प्रभारी निलंबित
कानपुर देहात में ही अमरौधा चौकी के पीछे जुआ चलने से नाराज एसपी ने चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया है। सीओ ने आठ नवंबर को चौकी के पीछे एक मकान में छापा मारकर 11 जुआरी गिरफ्तार किए थे। मौके से पुलिस को एक लाख पांच हजार रुपये नकद मिले थे। चौकी इंचार्ज को कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई थी।
अमरौधा चौकी के पीछे धर्मेंद्र कुमार उर्फ कल्लू के मकान में लंबे समय से जुआ खिलवाया जा रहा था। यहां पर दूर-दूर से लोग जुआ खेलने आते थे। इसकी जानकारी एसपी को हुई। उन्होंने सीओ भोगनीपुर संदीप सिंह को जुआ पकड़ने के लिए कहा था। सीओ ने आठ नवंबर को कोतवाली से पुलिस बल लेकर चौकी के पीछे मकान में जुआ खेलते 11 जुआरियों को पकड़ा था।
इसमें दो कालपी जिला जालौन के रहने वाले थे। पुलिस नेे एक लाख पांच हजार रुपये, चार सोने की अंगूठी, 10 मोबाइल बरामद किए थे। सीओ ने पूरी रिपोर्ट एसपी को भेजी थी। इस पर एसपी ने चौकी इंचार्ज रुपेश कुमार सोनकर को निलंबित कर दिया। उनकी जगह मंगलपुर थाने में तैनात दरोगा राकेश कुमार सिंह को तैनात किया गया है।
चौकी के पीछे जुआडख़ाना संचालित होने पर चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है। चौकी में तैनात अन्य स्टाफ ने मामले की जानकारी दी थी और छापेमारी में सहयोग किया है। अमरौधा में चौकी इंचार्ज की तैनाती कर दी गई है। प्रकरण की जांच एएसपी को सौंपी गई है।
- अनुराग वत्स, एसपी
छह पुलिसकर्मी बहाल
विभिन्न आरोपों में निलंबित किए गए छह पुलिस कर्मियों को एसपी अनुराग वत्स ने बुधवार को बहाल कर दिया। इसमें दरोगा अरुण कुमार, प्रशिक्षु दरोगा रजनीश कुमार, हेड कांस्टेबिल मनोज कुमार धर्मेंद्र, शिव बहादुर सिंह और कांस्टेबिल ओपेंद्र कुमार शामिल हैं।
सिपाहियों का वसूली का वीडियो वायरल निलंबित
फतेहपुर में मलवां थाने के सिपाहियों का वसूली करते एक वीडियो बुधवार को वायरल हुआ। बाइक से पुलिस कर्मियों की पहचान हुई। एसपी ने मामले को संज्ञान में लेकर आरोपी दो सिपाहियों को निलंबित किया है। मलवां हाईवे पर वसूली के खेल के पीछे एक वरिष्ठ पुलिस कर्मी का हाथ होने की चर्चा है। उसके इशारे पर ही जूनियर सिपाहियों से वसूली कराने का सिस्टम बनाया गया है।
वीडियो में मलवां हाईवे के कुंवरपुर मोड़ पर पशुओं लदी पिकअप को देखकर बाइक कोबरा में तैनात सिपाही दूसरी लेन में ओवरटेक करते हैं। ओवरटेक के बाद सिपाहियों को देखकर चालक पिकअप रोक देता है। पिकअप चालक उनके पास जाता है। कुछ रुपये थमाने के बाद बातचीत कर वापस चला आता है। यह सीन कार में बैठे लोग वीडियो में कैद कर लेते हैं।
वीडियो को मीडिया ग्रुपों पर वायरल किया गया। एसपी प्रशांत वर्मा ने थानेदार राजीव सिंह से मामले की रिपोर्ट मांगी। थानेदार ने वीडिये की जांच के बाद सिपाही मुकेश सिंह और अंशू सिंह की रिपोर्ट भेजी। दोनों को निलंबित किया गया। थाने के सूत्रों के अनुसार करीब डेढ़ साल पहले एक सीनियर पुलिस कर्मी की तैनात हुई थी। जिले के हाईवे के थानों में तैनात पुलिस कर्मी था। वह पशु तस्करी समेत कई अवैध कारोबारों में संलिप्त रहा है। पुलिस महकमे के चर्चित पुलिस कर्मियों में उसकी गिनती होती है। इसी वजह से तत्कालीन थानेदार ने पोस्टिंग के बाद थाने में नो एंट्री लगाई थी।
उन्होंने एसपी को सूचना भी दी थी। थानेदार के जाने के बाद पुलिस कर्मी ने फिर एंट्री मारी। तभी से उसने थाने के हाईवे पर किसे कहां तैनाती करने और वसूली के प्वाइंट बनाए हैं। पुलिस कर्मी ने जूनियर सिपाहियों की एक टीम तैयार कर रखी है। उस टीम का थाने के ही कुछ सिपाही विरोध करते हैं। एसपी पीआरओ त्रिवेणी पांडेय ने बताया कि वसूली में लिप्त पाए गए सिपाही निलंबित किए गए हैं।