बिठूर और बिल्हौर के दरोगाओं पर भी रुपये लेने के आरोप साबित
बिठूर थाने में तैनात दरोगा प्रमोद कुमार बैसला पर गलत तरीके से एफआईआर दर्ज कर गैंगस्टर की कार्रवाई करने और आरोपियों से जेल में मुलाकात कर धारा कम करने के एवज में रुपये लेने का आरोप है। एसीपी की जांच में आरोप सही पाए जाने पर निलंबित किया गया है। इसके अलावा बिल्हौर थाने में तैनात दरोगा राजपाल पर आरोप था कि अकारण इलाके के रहने वाले एक शख्स से गालीगलाैज की। विरोध पर उसे तीन दिन थाने में रखकर मारपीट की। इसके बाद रुपये लेकर थाने से छोड़ दिया गया। जांच में दोषी पाए जाने के बाद दरोगा राजपाल को भी निलंबित कर दिया गया।
ट्रैफिक विभाग में तैनात एक दरोगा और चार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
एडिशनल पुलिस कमिश्नर हरीश चंदर ने बताया कि तीन अगस्त की रात जाजमऊ की तरफ से आ रहे वाहन को इनोवा कार सवार ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने रोक लिया। वाहन से संबंधित दस्तावेज न होने पर मारपीट कर गालीगलौज की गई। इसके बाद छोड़ने के एवज में रुपये की मांग की। पीड़ित ने घर में कॉल कर रुपये मंगाए और पुलिसकर्मियों को दिए। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया। पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस अधिकारियों से की थी। जांच में आरोपी सही पाए जाने पर टीएसआई सत्येंद्र पाल सिंह, कांस्टेबल पालेंद्र चौहान, अनुपम और चालक कुलदीप को निलंबित कर दिया गया।
पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। बीते दो दिनों में 15 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जा चुका है। जो भी मामले इस तरह के सामने आ रहे हैैं, उनकी जांच के बाद कार्रवाई की जा रही है। -हरीश चंदर, एडिशनल सीपी