इटावा पीजीआई में 17 दिन से जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही एसिड अटैक पीड़ित किशोरी ने रविवार सुबह करीब नौ बजे दम तोड़ दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पिता की तहरीर पर शनिवार रात पीलीभीत जिले की पुलिस ने किशोरी की मौसी समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था।
फर्रुखाबाद के शमशाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पंद्रह वर्षीय किशोरी को पिता ने कानपुर के ईदगाह तिराहा थाना बजरिया निवासी मौसी के घर भेजा था। पिता के अनुसार किशोरी कुछ समय मौसी के पास रही और गांव आती जाती रही। दिवाली पर घर नहीं आई तो पिता ने फोन कर मौसी से जानकारी ली।
मौसी ने बताया कि वह दिल्ली में है। दोबारा फोन करने पर जयपुर में होना बताया। 25 नवंबर को मौसी ने फोन कर पिता को बताया कि किशोरी की तबीयत खराब है और वह रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज बरेली में भर्ती है। पिता, लड़की की मौसी के साथ बरेली पहुंचा। उसकी बेटी आईसीयू में भर्ती थी।
दूसरी दिन मौसी बिना बताए अस्पताल से चली गई। पिता ने फोन पर पूछताछ की तो उसने बताया कि पीलीभीत जिले के सुनगढ़ी थाना क्षेत्र में सुरभि कॉलोनी में उसे एक घर में घरेलू काम पर लगाया था। पिता का आरोप है कि जिस घर में काम करती थी वहां किशोरी को एसिड डालकर जला दिया गया।
पिता का आरोप है कि एसिड डालने वाले युवक ने धमकाकर एक कागज पर हस्ताक्षर करा लिए थे। पिता किशोरी को बरेली से पहले घर लाया फिर फर्रुखाबाद के जिला अस्पताल ले गया। वहां से सैफई रेफर कर दिया गया। 29 नवंबर को किशोरी को सैफई पीजीआई लाया गया। यहां वह पिछले 17 दिनों से भर्ती थी। पिता ने बताया उसकी तहरीर पर सुनागढ़ी थाना पुलिस ने अमनदीप जौली पुत्र मनजीत, उसकी मां, किशोरी की मौसी मंजू देवी पत्नी सूरज सिंह और एक अज्ञात के खिलाफ धारा 307 506 504 में मुकदमा दर्ज कर लिया था।