एसिड अटैक पीड़ित लक्ष्मी अग्रवाल का मोटीवेशनल लेक्चर
- फोटो : राहुल शुक्ला
16 साल की उम्र में एसिड अटैक से पीड़ित लक्ष्मी की जिंदगी के बारे में जानकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। कानपुर के हरकोर्ट बटलर टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के टेक्निकल फेस्ट ‘जेस्ट 2017’ में एसिड अटैक पीड़िता लक्ष्मी अग्रवाल का मोटीवेशनल लेक्चर होना था। लक्ष्मी के मंच पर आते ही युवा उनके बारे में जानने को बेताब दिखे।
लक्ष्मी ने बताया कि 16 साल की उम्र में उस पर एसिड फेंका गया। इससे वह टूट गई थी, फिर सुप्रीमकोर्ट जाकर एसिड पीड़ितों के हक की लड़ाई लड़ी। दिल्ली में एक कैंटीन खोली, जिसके सभी कर्मचारी एसिड अटैक पीड़ित हैं। लक्ष्मी ने कानपुर के युवक से शादी की है और अब यहीं रहती हैं। लक्ष्मी की आपबीती सुनकर स्टूडेंटों की आंख भर आई। आईआईटी कानपुर के डॉ. शशि शेखर मिश्रा, डीन ऑफ इंजीनियरिंग स्कूल प्रो. सुनील कुमार और स्टूडेंट कनवीनर देवांश निखरा ने बताया कि संयुक्त रूप से कार्यक्रम पहली बार कराया जा रहा है। इससे पहले अलग-अलग विभाग टेक्निकल फेस्ट कराते थे।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एक्सपर्ट दिवाकर वैश्य ने स्टूडेंटों को सफलता का मंत्र दिया। कहा कि पढ़कर नौकरी के पीछे भागने से काम नहीं चलेगा। अब जरूरत कुछ क्रिएटिव करने की। इसके लिए उद्यमिता बेहतर विकल्प है। तकनीक विकसित करें और बाजार में छा जाएं। इसके बाद स्टूडेंटों ने इलेक्ट्रानिक डिवाइस का प्रदर्शन किया और रोबोवार भी हुआ। फेस्ट का उद्घाटन कुलपति प्रो. एमजेड खान ने किया था।
लक्ष्मी की आपबीती सुनकर भर आईं आंखें
आटोमेटिक व्हील चेयर
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग फाइनल ईयर के स्टूडेंटों ने आटोमेटिक व्हील चेयर का प्रदर्शन किया। प्रो. यदुवीर सिंह ने बताया कि बैटरी से चलने वाली व्हील चेयर में चार बटन लगे हैं। इसके जरिये चेयर आगे, पीछे, दाएं ओर बाएं की जा सकेगी। टार्च भी लगे हैं। साइकिलिंग नहीं करनी होगी।