आचार्य श्री महाश्रमण के साथ बाल मुनि प्रिंस और नमन भी अहिंसा का संदेश दे रहे हैं। मुनि प्रिंस (9) मुंबई से हैं और 2 फरवरी 2014को आचार्य श्री से दीक्षा लेकर सांसारिक जीवन को त्याग दिया है।
वहीं मुनि नमन (11) श्रीगंगानगर राजस्थान के हैं और 28 जून 2014 को दीक्षा ग्रहण की थी। दोनों बाल मुनि आचार्य श्री से अध्यात्म की शिक्षा ले रहे हैं। मुनि प्रिंस ने कक्षा दो तक शिक्षा ली है, जबकि मुनि नमन ने पांचवीं तक पढ़ाई की है।
आनंदपुरी में चल रहे मर्यादा महोत्सव में दोनों मुनि संतों की तरह जीवन व्यतीत कर रहे हैं। शहर के लोगों के लिए ये दोनों बाल मुनि आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
आचार्यश्री महाश्रमण की अहिंसा यात्रा (तीन देश और 10000 किमी की यात्रा) के दौरान कानपुर के जैन समाज ने मर्यादा महोत्सव आयोजित किया है। इसमें आचार्यश्री महाश्रमण केसाथ 90 साधु और साध्वी भी आए हैं।