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नोएडा बस हादसे ने जालौन में भी मचाया कोहराम, छह मौतों ने सबको रुला दिया

Sat, 30 Mar 2019 12:26 AM IST
दुष्यंत शर्मा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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छह मौतों से जिले में मचा कोहराम
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ग्रेटर नोएडा में हुए बस हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई। हादसे में मरने वालों में दो महिलाओं समेत छह लोग जालौन जिले के हैं। हादसे में कई लोग घायल भी हुए हैं। हादसे की सूचना जैसे ही जनपद में आई तो बस से गए लोगों के घरों में कोहराम मच गया और परिजन अपने-अपने लोगों का पता लगाने में जुट गए। बताते हैं कि चालक को झपकी आने से हादसा हुआ। 

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जनपद के कुठौंद से गुरुवार की शाम छह बजे दिल्ली जाने के लिए यात्रियों को बैठाकर निकली ट्रैवल्स की बस शुक्रवार की सुबह पांच बजे ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेस वे पर रबूपुरा थाना क्षेत्र में ट्राले में पीछे से घुस गई। जिसमें बस चालक महेश सिंह पुत्र भगवान सिंह निवासी चंदीलपुरा बाड़ी धौलपुर राजस्थान, परिचालक बंटू पुत्र नैकसेराम निवासी गढ़ी कुरीलपुर, राजा गढ़ा धौलपुर राजस्थान के अलावा बस में सवार जालौन जिले के अरुण कुमार (28) पुत्र गया प्रसाद निवासी कुठौंद, विनीता देवी (24) पत्नी करन सिंह निवासी वावली कुठौंद, सुमन देवी (42) पत्नी संतोष निवासी हथेरी थाना जालौन, विश्वनाथ तिवारी (78) पुत्र रामगोपाल निवासी ऐकों कुठौंद, आनंद (35) पुत्र राजेंद्र निवासी पंडितपुर कुठौंद व मोहम्मद असद (12) पुत्र जहांगीर बजरिया उरई, जालौन की मौत हो गई।

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कई लोगों घटनास्थल के लिए रवाना हो गए

सीमा देवी पत्नी अरुण कुमार कुठौंद, शिवांग पुत्र करन बावली कुठौंद, करन पुत्र बृजमोहन निवासी बावली, आराधना पुत्री पंकज ऐकों कुठौंद, मंगल सिह कुशवाहा पुत्र प्रमोद शेखपुर अहीर कुठौंद, सुमन पत्नी मंगल सिंह शेखपुर अहीर, जीतेंद्र पुत्र मुंशीलाल नाहली कुठौंद, सुशीला देवी पत्नी सुधीर श्रीवास्तव व सुधीर श्रीवास्तव पुत्र शिवनारायण मदारीपुर, राज पुत्र सुधीर श्रीवास्तव मदारीपुर कुठौंद, अखिलेश पुत्र लाल सिंह निवासी जखा थाना सिरसाकलार, दीनू पुत्र जागेश्वर निवासी ऊद थाना सिरसाकलार घायल हो गए।

सड़क हादसे की सूचना जैसे ही जिले में आई तो बस से गए लोगों के परिजनों में कोहराम मच गया ओर लोग अपने परिजनों का हालचाल व पता लगाने में जुट गए। कई लोगों के परिजन घटनास्थल के लिए रवाना भी हो गए। ग्रामीणों के मुताबिक विश्वनाथ तिवारी दिल्ली में अपने बेटे से मिलने जा रहे थे। वहीं मरने वालों में और घायलों में अधिकांश लोग होली का त्योहार मनाकर अपने कामकाज पर लौट रहे थे। गांव वाले शुक्रवार की देर शाम तक गांव से गए लोगों के लौटने का इंतजार करते रहे। 
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