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गोशाला में सात दिनों में छह गोवंशों की मौत, जगह-जगह पड़े हैं कंकाल

Sat, 30 Mar 2019 12:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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खाली पड़ी अस्थायी गोशाला - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के कन्नौज जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा जानवरों के लिए बने अस्थायी पशु आश्रय स्थल उनके लिए मौत के बाडे़ साबित हो रहे हैं। रोहली की सरस हाट अस्थायी गोशाला में भूख से छह गोवंशों की मौत हो गई है। तहसील प्रशासन ने इनके चारे-पानी की व्यवस्था नहीं की। मौत के बाद इनके शवों को दफनाया तक नहीं गया। कुत्ते-पक्षी इनके शरीर को नोच कर खा रहे हैं। कंकाल और हड्डियां अभी भी अस्थायी गोशाला में पड़ी हैं।

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एक सप्ताह में अस्थायी गोशाला में छह गोवंशों की मौत हो चुकी है। इनके कंकाल आश्रय स्थल में पड़े हैं। व्यवस्थाएं न होने से ग्राम प्रधान ने पशुओं को छुट्टा छोड़ दिया है। रोहली के ग्रामीण अभय प्रताप सिंह, अनिल सिंह, देशराज, रामनाथ, बदन सिंह, राम निवास, लाखन सिंह, रामनरेश ने बताया कि गांव के सरस हाट बाजार में बनाई गई अस्थायी गोशाला में लगभग 30 गोवंश बंद थे।

उनके लिए पंचायत की तरफ से चारे पानी का इंतजाम नहीं किया गया। इससे मवेशी भूख प्यास से व्याकुल हो गए। कुछ आपस में भिड़ कर चुटहिल हो गए। इनके इलाज की व्यवस्था नहीं की गई। करीब सात दिनों में छह गोवंशों की मौत हो चुकी है।
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डॉ. विकराल सिंह का कहना है कि दो मवेशियों की मौत हुई थी

ग्रामीणों का कहना है कि अब प्रधान व सचिव ने शेष जानवरों को छोड़ दिया है। यह फसलों को नुकसान पहुंचाने लगे हैं। ग्राम प्रधान आत्माराम का कहना है कि वह चारे पानी की व्यवस्था अपने निजी खर्च पर कर रहे थे। पांच आवारा जानवर आपस में लड़ कर घायल हुए थे। डॉक्टर ने इलाज भी किया था। कुछ मर भी गए हैं। अराजक लोगों ने गोशाला का ताला तोड़ इन्हें भगा दिया है। यह छोड़े नहीं गए हैं। ग्रामीणों का आरोप गलत है। 
 
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विकराल सिंह का कहना है कि दो मवेशियों की मौत हुई थी। गोशाला की देख-रेख के लिए भोजराज को रखा गया था। प्रधान के खाते में पशुओं के चारे पानी की व्यवस्था को धनराशि भी भेज दी गई है। और कोई जानकारी नहीं है। वहीं पीडी रामचंद्र शर्मा ने कहा कि यह गंभीर मामला है। उन्हें जानकारी नहीं है। जांच कराकर कड़ी कार्रवाई करेंगे।
 
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