फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

24 दिन की जेल और 13 दिन की सरकार, ये हैं वाजपेयी के '10 अटल किस्से'

Fri, 17 Aug 2018 07:56 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 9
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी
सत्ता के गलियारों से लेकर गांव गली मुहल्ले तक हर शख्स अटल जी की वाकपटुता का कायल रहा है। दिल्ली के एम्स में अटल बिहारी वाजपेयी ने 93 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। अटल जी और उनके पिता दोनों ने कानून की पढ़ाई में एक साथ प्रवेश लिया। हुआ यह कि जब अटल  जी कानून की पढ़ाई करने के लिए डीएवी कालेज कानपुर आना चाहते थे तो उनके पिता ने कहा कि मैं भी तुम्हारे साथ कानून की पढ़ाई शुरू करूंगा।
विज्ञापन

2 of 9
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी
वह तब राजकीय सेवा से निवृत्त हो चुके थे। इसलिए पिता पुत्र दोनों साथ साथ कानपुर आए। उन दिनों कालेज के प्राचार्य कालका प्रसाद भटनागर थे। जब दोनों लोग प्रवेश के लिए उनके पास पहुंचे तो उनके आश्चर्य का कोई ठिकाना न रहा।
विज्ञापन

3 of 9
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी - फोटो : self
दोनों का प्रवेश एक ही सेक्शन में हो गया। जिस दिन अटल जी किसी कक्षा में न जाएँ तो प्राध्यापक जी उनके पिता जी से पूछते थे कि आपके पुत्र कहां है। जिस दिन पिता क्लास में न जाएं तो अटल जी से प्रश्न किया जाता था कि आपके पिता जी कहां हैं।

4 of 9
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी
अटल जी को दूध लेने जाना रहता था इसलिए उन्हे सुबह कक्षा में पहुंचे में देरी हो जाया करती थी। इस कारण उन्होने अपना सेक्शन बदलवा लिया था। छात्रावास में पिता पुत्र एक साथ ही एक ही कमरे में रहा करते थे। 

 
विज्ञापन

5 of 9
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी
संघ के पूर्णकालिक प्रचारक के रूप में अटल जी पूरी निष्ठा से कार्य में लग गए। साहित्य, राष्ट्र, समाज को जीवन समर्पित करने वाले अटल ने अविवाहित रह कर सेवा धर्म को स्वीकर किया। पं श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पं दीन दयाल उपाध्याय के संपर्क में रह कर अटल जी ने सकारात्मक राजनीति की शिक्षा ग्रहण की।
विज्ञापन

6 of 9
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी - फोटो : self
बचपन से ही अटल जी के सार्वजनिक कार्यों में विशेष रुचि थी। उन दिनों ग्वालियर रियासत दोहरी गुलामी में थी। राजतंत्र के प्रति जनमानस में आक्रोश था। सत्ता के विरूद्ध आंदोलन चलते रहते थे। 1942 में जब गांधी जी ने अंग्रेजों भारत छोड़ो नारा दिया तो ग्वालियर भी अगस्त क्रातिं की लपटों में आ गया।
विज्ञापन

7 of 9
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी - फोटो : amar ujala
छात्रवर्ग आंदोलन की अगुवाई कर रहा था। अटल जी तो सबसे आगे ही रहते थे। जब आंदोलन ने उग्र रूप धारण कर लिया तो पकड़-धकड़ होने लगी। कोतवाल, जो उनके पिता कृष्ण बिहारी जी के परिचित थे, ने उन्हे बताया कि आपके पुत्र कारागार जाने की तैयारी कर रहे हैं।

8 of 9
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी - फोटो : amar ujala
इससे उनको अटल के कारागार जाने की चिंता तो नहीं थी किंतु नौकरी जाने की चिंता जरूर थी। इसलिए उन्होने अपने पुत्र को पैत्रक गांव बटेश्वर भेज दिया। वहां भी क्रातिं की आग धधक रही थी। अटल जी के बड़े भाई श्री प्रेमबिहारी उन पर नजर रखने के लिए भेजे गए थे।
विज्ञापन

9 of 9
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी - फोटो : amar ujala
अटल जी पुलिस की लपेट में आ गए। उस समय वह नाबालिग थे इसलिए उन्हे आगरा जेल की बच्चा बैरख में रखा गया। 24 दिन की अपनी इस जेल यात्रा के संस्मरण वे हंस-हंसकर सुनाते थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें