जालौन जिले के उरई में सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व कैबिनेट मंत्री अभिषेक मिश्रा ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह परशुराम को भगवान ही नहीं मानती है। वह उन्हें केवल महापुरुष मानती है।
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इसी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान परशुराम की जयंती के लिए छुट्टी देने से इनकार कर दिया। अभिषेक मिश्रा ने हर जिले में भगवान परशुराम के मंदिर बनाने के लिए भी कहा। अभिषेक मिश्रा मंगलवार को सपा के प्रांतीय नेता प्रदीप दीक्षित के आवास पर पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 16 प्रतिशत ब्राह्मणों पर अत्याचार हो रहा हो तो सपा चुप नहीं बैठी रह सकती। उन्होंने बसपा सुप्रीमो मायावती पर तंज कसते हुए कहा कि मायावती बहुत बड़ी नेता हैं। उन्होंने तीन बार भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाई।
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चौथी बार वह ब्राह्मणों के मतों के सहयोग से मुख्यमंत्री बनीं। उन्होंने भगवान परशुराम की मूर्ति कहीं भी लगवाने की जरूरत नहीं समझी। वह सत्ता में होतीं तो अपनी मूर्ति लगवाना पसंद करती हैं। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में रहे या न रहे, प्रदेश के 75 जिलों में भगवान परशुराम का मंदिर बनवाना लक्ष्य है।
सपा सत्ता में आएगी तो लखनऊ में भगवान परशुराम का 108 फीट ऊंचा भव्य मंदिर बनेगा। यह विश्व में अनोखा होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकारों में किसान परेशान हैं। कोरोना काल में लाखों युवाओं का रोजगार चला गया।
अभिषेक मिश्रा ने देर शाम मुख्य अतिथि के रूप में जालौन नगर में भगवान परशुराम के मंदिर का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिलान्यास किया। इस दौरान सपा के प्रांतीय नेता प्रदीप दीक्षित, पूर्व विधायक कप्तान सिंह राजपूत, दीपू त्रिपाठी, आनंद यादव, दीपराज गुर्जर, अशोक गुप्ता, अखिलेश शर्मा, जयशंकर द्विवेदी, महेश द्विवेदी सर, धीरेंद्र गुप्ता, मांडवी निरंजन, कुसुम सक्सेना, सुषमा यादव, शफीकुर्रहमान कश्पी, भूप सिंह यादव, राजीव शर्मा, प्रणीत सागर, पुष्पेंद्र गोस्वामी, महेंद्र कठेरिया, वेद यादव, शबीउद्दीन, भानु वर्मा, सुरेंद्र, देवेंद्र यादव, कपिल गुमावली, जीवन वाल्मीकि, जमालुद्दीन आदि मौजूद रहे। लखनऊ से आने पर उरई से लेकर जालौन नगर तक जगह-जगह पर अभिषेक मिश्रा का भव्य स्वागत हुआ।