माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर।
परिवहन विभाग ने व्यावसायिक वाहन स्वामियों को मुस्किले बढ़ा दी हैं। अब व्यावसायिक वाहनों का टैक्स एकमुश्त (वन-टाइम) जमा करना अनिवार्य होगा। पहले साल में तीन बार टैक्स जमा करने की सुविधा थी, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है। हालांकि इस व्यवस्था से वाहन मालिकों को बार-बार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और टैक्स भुगतान की प्रक्रिया सरल होगी। परिवहन विभाग से जारी नई योजना के तहत यह व्यवस्था लागू कर दी गई है।
उप संभागीय परिवहन कार्यालय में उन वाहनों की सूची तैयार की जा रही है, जो कागजों में प्राइवेट हैं लेकिन वास्तविकता में व्यावसायिक रूप से संचालित हो रहे हैं। विभाग ने ऐसे वाहनों को चिह्नित करने के लिए 15 दिन का समय तय किया है। सूची फाइनल होते ही सभी चिन्हित वाहनों को व्यावसायिक श्रेणी में परिवर्तित किया जाएगा।
परिवहन विभाग ने वर्ष 2025 की शुरुआत में 12,763 व्यावसायिक वाहनों से करीब 33 करोड़ रुपये बकाया टैक्स वसूलने के लिए विशेष कार्ययोजना लागू की थी। टैंपो, लोडर, कैब, ट्रक, ऑटो सहित अन्य व्यावसायिक वाहनों के स्वामियों को तय समय सीमा के भीतर टैक्स भुगतान करना होता है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार कई वाहन स्वामियों ने 15 वर्षों से अधिक समय तक टैक्स जमा नहीं किया। अब ऐसे मामलों में विभाग सख्त रुख अपनाने जा रहा है। पुराने व्यावसायिक वाहनों के मालिक जब भी फिटनेस सेंटर में जांच कराने जाएंगे, उन्हें पूरा बकाया टैक्स जमा करना अनिवार्य होगा।
नोटिस और तहसील के जरिए होंगी वसूली
वर्तमान में जिन वाहन स्वामियों पर टैक्स बकाया है, उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। भुगतान नहीं करने पर नायब तहसीलदार के माध्यम से वसूली की कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि इससे टैक्स चोरी पर प्रभावी रोक लगेगी और राजस्व में बढ़ोतरी होगी।
वर्जन-
साढ़े सात टन तक की क्षमता वाले वाहनों से अब एक बार ही टैक्स लिया जाएगा। इससे वाहन स्वामियों को बार-बार टैक्स जमा करने की परेशानी से निजात मिलेगी और सरकार को भी एकमुश्त राजस्व प्राप्त होगा।
आलोक कुमार, एआरटीओ (प्रशासन)