आंचल खरबंदा की फाइल फोटो पति के साथ
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कानपुर के अशोक नगर में मसाला कारोबारी सूर्यांश खरबंदा की पत्नी आंचल खरबंदा की मौत के मामले में क्राइम ब्रांच की तफ्तीश में भी खुदकुशी की पुष्टि हुई है। हत्या के साक्ष्य नहीं मिले हैं। इसलिए विवेचना दहेज हत्या की धारा में ही चलेगी। क्राइम ब्रांच नामजद अन्य छह आरोपियों की भूमिका तलाश कर रही है।
जिन-जिन आरोपियों के खिलाफ सुबूत मिलेंगे उनको जेल भेजा जाएगा। 19 नवंबर की रात आंचल का शव घर के बाथरूम में फंदे से लटकता मिला था। पुलिस ने दहेज हत्या की एफआईआर दर्ज कर आंचल के पति सूर्यांश व सास निशा खरबंदा को जेल भेजा था। आंचल के पिता पवन ग्रोवर ने पुलिस कमिश्नर से मामले की जांच क्राइम ब्रांच ट्रांसफर करने की मांग की थी।
डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल के नेतृत्व में टीम ने जांच शुरू की। क्राइम सीन भी दोहराया। फोरेंसिक जांच भी दोबारा कराई। फोरेंसिक की रिपोर्ट वहीं रही जो पहले पुलिस को सौंपी गई थी। जिसमें आंचल के खुदकुशी करने की पुष्टि हुई थी। तमाम वैज्ञानिक तथ्य भी फोरेंसिक टीम ने रिपोर्ट में दर्ज किए हैं। डीसीपी क्राइम का कहना है कि तथ्यों के आधार पर केस की विवेचना दहेज हत्या में चलेगी।
हैंडराइटिंग रिपोर्ट का इंतजार
आंचल की मौत के बाद परिजनों ने दो पेज का एक नोट पुलिस को सौंपा था। जिसमें लिखा हुआ था कि अगर मुझे व मेरे बेटे को खरोंच तक आती है तो सूर्यांश, निशा, भरत ग्रोवर आदि जिम्मेदार होंगे। इसमें कुल छह नाम लिखे हुए थे। पुलिस ने हैंड राइटिंग मैच कराने के लिए ये नोट व सैंपल एक्सपर्ट को भेजे हैं। क्राइम ब्रांच की टीम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है।