वहीं, विवेचना के दौरान भरत ग्रोवर की गिरफ्तारी की थी। तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी। अब अन्य पांचों आरोपियों के नाम बाहर कर दिए गए हैं। इस पर पवन ग्रोवर ने सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि उस नोट की हैंडराइटिंग का भी मिलान हो गया था।
इसमें खुद आंचल ने आरोपियों के नाम लिखे थे। उसके बावजूद केस से नाम बाहर किए गए। इसलिए वह पुलिस कमिश्नर से मिलकर दोबारा विवेचना कराए जाने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस जानबूझकर ऐसा कर रही है, जिससे आरोपियों को बचाया जा सके।
ये था पूरा मामला
अशोक नगर में एक मसाला कारोबारी की पत्नी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। उसका शव बाथरूम में दुपट्टे के फंदे से लटकता मिला था। शव देखकर पति और सास फरार हो गए थे। जब मृतका के परिजन वहां पहुंचे, तब घटना की जानकारी हुई। परिजनों ने ससुराल वालों पर हत्या कर शव लटकाने का आरोप लगा केस दर्ज कराया था।