फर्जी दस्तावेज तैयार कर आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस के साथ खुफिया विभाग भी सक्रिय हो गया है। पुलिस को मिले इनपुट के मुताबिक पांच-पांच हजार रकम देकर आधार कार्ड बनवाने वाला कोई आम आदमी नहीं हो सकता।
वह अपराधी, कोई जासूस या पाकिस्तानी भी हो सकता है। इसलिए पुलिस इस मामले को और संवेदनशील मान रही है। ऐसे लोगों ने आधार कार्ड बनवा लिए हैं तो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा हैं। एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि टीम बनाकर मामले की जांच कराई जा रही है।
महाराष्ट्र, बंगाल के लोगों ने भी बनवाए आधार कार्ड
एसपी के मुताबिक आरोपियों के पास से महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल के अलावा कई अन्य राज्यों के लोगों के दस्तावेज मिले हैं। पुलिस को भी समझ नहीं आ रहा है कि आखिर इतनी दूर के लोगों ने कानपुर से आधार कार्ड क्यों बनवाए हैं। ऐसे 50 से अधिक लोग हैं। पकड़ा गया आरोपी भी इस बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं दे सका है। कुछ नाम व मोबाइल नंबर पुलिस को मिले हैं। पुलिस महाराष्ट्र व बंगाल पुलिस से भी संपर्क कर इसकी जानकारी साझा करेगी।
स्लीपर सेल तो सक्रिय नहीं, बिचौलिये की भी तलाश
गलत तरीके से आधार कार्ड बनवाने वालों को कभी पुलिस या सुरक्षा एजेंसी पकड़ती भी है तो आधार कार्ड उसकी पहचान की पुष्टि करेगा। थंब इंप्रेशन तक उसका सही होगा। आशंका है कि स्लीपर सेल तो नहीं घुसपैठ करने के प्रयास में हों। उधर पुलिस को बिचौलिये की भी तलाश है, जो लोगों को इस गिरोह तक लाता है। आरोपियों की सीडीआर खंगाली जा रही है।