रूरा(कानपुर देहात)। थानाक्षेत्र के सिमरामऊ में गुरुवार सुबह 11 बजे के करीब कच्चा मकान भरभरा कर ढह गया। कमरे के अंदर लिपाई कर रही मां-बेटी मलबे में दब गईं। तेज धमाके के साथ मकान ढहने पर परिवार व गांव के लोग राहत बचाव के लिए दौड़ पड़े। दोनों को मलबे से निकाल कर मेडिकल कॉलेज ले गए। जहां दोनों को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
सिमरामऊ निवासी धर्मेंद्र सिंह दिल्ली में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं। एक सितंबर को उनकी मां मनोज देवी (65) का बीमारी से निधन हो गया था। बुधवार को घर पर नौबार कार्यक्रम था। घर पर रिश्तेदार व परिवार के लोग मौजूद थे। गुरुवार सुबह 11 बजे के करीब पत्नी उर्मिला देवी (48), बेटी अनवी उर्फ नीशू (22) के साथ घर के पीछे बने कच्चे मकान के हिस्से में लिपाई कर रही थीं। जबकि अन्य सदस्य बाहरी हिस्से में पक्के मकान के पास थे।
इसी बीच पीछे के हिस्से में बना कच्चा मकान भरभरा कर ढह गया। तेज आवाज के साथ मकान ढहने व मलबे में मां-बेटी के दबने पर चीखपुकार मच गई। परिवार के लोगों के साथ गांव के लोग उन्हें निकालने में जुट गए। इधर गांव के लोगों ने पुलिस-प्रशासन को घटना की जानकारी दी। पूरा मकान ढहने से मिट्टी निकालने में हो रही परेशानी पर जेसीबी मंगवाई गई। कुछ देर बाद नायब तहसीलदार रसूलाबाद सुदर्शन सिंह, थानाध्यक्ष रूरा अमित शुक्ला पुलिस बल के साथ पहुंचे। करीब ढाई घंटे बाद कड़ी मशक्कत कर दोनों को बाहर निकाला गया। पुलिस व ग्रामीण निजी वाहनों से दोनों को लेकर पहले सीएचसी रूरा पहुंचे। यहां से हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। जहां पर दोनों को ईएमओ डॉ. निशांत पाठक ने मृत घोषित कर दिया।
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बयान...
आगे के हिस्से में पक्का मकान था, पीछे बने कच्चे मकान की छत ढहने से मां-बेटी की मौत हुई है। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर जांच की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी। - कपिल सिंह, जिलाधिकारी