फजलगंज रेलवे कॉलोनी में अब तक 20 से ज्यादा लोगों को अपने नुकीले दांतों का शिकार बना चुके हमलावर बंदर पर एक हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। इनाम की यह राशि मुहल्ले वालों ने आपस में मिलकर तय की है।
सुनकर आश्चर्य जरूर होगा, लेकिन यह सच है। दर्जनों बार शिकायत के बाद भी जब वन विभाग और नगर निगम की टीम बंदर को पकड़ने नहीं पहुंची तो यहां रह रहे लोगों ने बच्चों की सुरक्षा के लिए आपसी सहयोग से बंदर को पकड़ने पर एक हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया।
फजलगंज स्थित विद्युत प्रशिक्षण केंद्र रेलवे कालोनी के इर्द गिर्द पिछले एक महीने से एक बंदर ने आतंक मचा रखा है। जिसके घर में चाहा घुस गया, जिसे चाहा काट लिया। बच्चे घर, बाहर, स्कूल कहीं भी सुरक्षित नही हैं।
बच्चों को अकेला पाकर बंदर अचानक मुंह पर झपट्टा मारता है। लकी गुप्ता (7), तेजस्वी (3), आलोक (10), अवनीश(9) काजल (4), आकाश (6) सहित अब तक 20 लोग इस बंदर का शिकार बन चुके हैं।
विद्युत प्रशिक्षण केंद्र रेलवे कर्मचारी के 10 कर्मचारी भी इसका शिकार बन चुके हैं। रेलवे अधिकारियों ने इस संदर्भ में नगर आयुक्त और वन विभाग को सूचना भी दी। बावजूद इसके आज तक कोई झांकने तक नहीं गया।
बंदर का आतंक ऐसा है कि माताएं अपने नौनिहालों की सुरक्षा के लिए घर के अंदर भी डंडा आसपास ही रखती है। क्या पता कब बंदर आतंक बनकर टूट पड़े। बंदर इतना निडर हो चुका है कि इसे लोगों के डंडे का भी डर नहीं है।
यदि किसी ने इसे डराने के लिए डंडा दिखाभर दिया तो समझो आफत मोल ले ली। बंदर डंडा दिखाने पर भागने की बजाय और ज्यादा आक्रामक हो जाता है। ईंट से वार करने पर वह भी जवाब में ईंट फेंकता है।
भीड़ जितनी भी हो बिना डर के वह सभी पर झपट पड़ता है। भयभीत वाशिंदों ने बंदर को पकड़ने वाले को एक हजार रुपये नगद पुरस्कार देने की बात कही है।
उनका कहना है कि नगर निगम और वन विभाग तो मूकदर्शक बने हैं, कोई मदारी या बहादुर व्यक्ति उसे पकड़ लेगा तो बच्चे सुरक्षित रहेंगे।