समिति में कुछ मृत व्यक्तियों के नाम भी लिखे
बताया जाता है कि उसी इलाके के रहने वाले बिंदा सिंह नाम के एक व्यक्ति ने फर्जी तरीके से चिटफंड ऑफिस में मंदिर के नाम समिति बनाकर रजिस्ट्रेशन करा लिया। इसके बाद उसका दखल और बढ़ गया। रजिस्ट्रेशन कराए जाने की जानकारी होने पर लोगों ने इसकी शिकायत एसीएम से की। जांच के बाद रजिस्ट्रेशन निरस्त हो गया। आरोप है कि इस समिति में कुछ मृत व्यक्तियों के नाम भी लिखे गए थे। इसी वजह से वह कोर्ट से भी निरस्त हो गई।
पिता का नाम एफआईआर में पेन से अलग लिख दिया
बताया जाता है कि पुजारी और अन्य खर्चों लिए पुलिस के सामने मंदिर की गोलक खोली गई। इसकी पूरी वीडियो भी बनाई गई है। गोलक से निकला पैसा वहीं के एक व्यक्ति को सौंप दिया गया। श्रीनारायण का कहना है कि जब यह सब हुआ तब वह वहां नहीं थे। उसी दिन दान के पैसे को लेकर हंगामा शुरू हो गया तो पुलिस ने कुछ लोगों के खिलाफ शांति भंग में रिपोर्ट दर्ज करा दी। आरोप है कि डीएम के पिता का नाम एफआईआर में पेन से अलग लिख दिया गया। अब पुलिस सुनवाई नहीं कर रही है।
इन लोगों पर दर्ज हुई रिपोर्ट
त्रिवेणी प्रसाद दीक्षित, तेज नारायण शुक्ला, जगदीश नारायण दुबे, विवेक शुक्ला, मनोज तिवारी, श्रीनारायण त्रिपाठी।
श्रीनारायण और इनके साथ कुछ और लोगों ने मेरी तरफ से जो समिति बनाई गई थी, उसके संबंध में अधिकारियों के सामने झूठ बोलकर उसे निरस्त करा दिया। हमने सभी को जोड़कर साथ चलने की बात कही थी। यह मुकदमा पुलिस ने दर्ज किया है, हमने नहीं कराया है। -बिंदा सिंह