देश में गरीबी विकराल समस्या है और कैसे लोगों को ये निगल जाती है इसका उदाहरण उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में देखने को मिला है। जहां एक पुत्र अपने पिता के इलाज के लिए कर्ज में डूब गया और लाख कोशिश के बाद भी पिता की जब जान नहीं बची तो उसने भी मौत को गले लगा लिया।
तंगी से परेशान बेटे ने पिता की मौत के 12 दिन बाद फांसी लगाकर जान दे दी। पिता का इलाज कराने में करीब दो लाख रुपये का कर्जदार हो गया था।
क्षेत्र के गांव डहरियापुर निवासी दिगंबर सिंह काफी दिनों से लीवर और आंतों की बीमारी से पीड़ित थे। उनके दो पुत्र हैं। पांच बीघा खेती से घर का गुजर बसर कर चलता है। बड़े बेटे दीपचंद्र (26) ने कानपुर और लखनऊ में पिता का इलाज कराया। कहीं से फायदा न मिलने पर आगरा से इलाज चल रहा था। इस इलाज में वह करीब दो लाख रुपये का कर्जदार हो गया। इसी बीच 30 सितंबर को दिगंबर सिंह की मौत हो गई। पिता की मौत के बाद बेटा दीप चंद्र उदास रहने लगा। परिजनों का कहना है कि करीब दो लाख रुपये का कर्ज था। उसे कर्ज की चिंता सता रही थी।