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पिता के इलाज में कर्ज में डूबा पुत्र,पिता के न बचने पर फांसी लगा दी जान

Thu, 12 Oct 2017 07:29 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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मृतक के घर पर लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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देश में गरीबी विकराल समस्या है और कैसे लोगों को ये निगल जाती है इसका उदाहरण उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में देखने को मिला है। जहां एक पुत्र अपने पिता के इलाज के लिए कर्ज में डूब गया और लाख कोशिश के बाद भी पिता की जब जान नहीं बची तो उसने भी मौत को गले लगा लिया।
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तंगी से परेशान बेटे ने पिता की मौत के 12 दिन बाद फांसी लगाकर जान दे दी। पिता का इलाज कराने में करीब दो लाख रुपये का कर्जदार हो गया था।
क्षेत्र के गांव डहरियापुर निवासी दिगंबर सिंह काफी दिनों से लीवर और आंतों की बीमारी से पीड़ित थे। उनके दो पुत्र हैं। पांच बीघा खेती से घर का गुजर बसर कर चलता है। बड़े बेटे दीपचंद्र (26) ने कानपुर और लखनऊ में पिता का इलाज कराया। कहीं से फायदा न मिलने पर आगरा से इलाज चल रहा था। इस इलाज में वह करीब दो लाख रुपये का कर्जदार हो गया। इसी बीच 30 सितंबर को दिगंबर सिंह की मौत हो गई। पिता की मौत के बाद बेटा दीप चंद्र उदास रहने लगा। परिजनों का कहना है कि करीब दो लाख रुपये का कर्ज था। उसे कर्ज की चिंता सता रही थी।

 
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पोल में रस्सी से फंदा बनाकर झूल गया

डेमो
बुधवार की शाम करीब सात बज खेत से निकली हाईटेंशन लाइन के पोल में रस्सी से फंदा बनाकर झूल गया। काफी देर तक वह घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने तलाश शुरू की। लोगों ने बताया कि वह खेतों की ओर जा रहा था परिजनों ने जाकर देखा तो पोल से उसका शव लटक रहा था। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 

दीपचंद्र की छह माह पूर्व ही मक्का के पुर्वा तिर्वा कन्नौज निवासी सोनिका के साथ शादी हुई थी। ससुर की मौत के बाद करवाचौथ का व्रत भी नहीं रख पाई। उसका रो रो कर बुरा हाल है।
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